Skip to content

टीआई सस्पेंड: शराब माफिया से सांठगांठ का पर्दाफाश, एसपी की बड़ी कार्रवाई, जानें क्या है पूरा मामला…

रायपुर : प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ आला अधिकारी लगातार सख्ती बरत रहे हैं, लेकिन जब कानून के रखवाले ही शराब माफियाओं के साथ सांठगांठ करते नजर आएं, तो महकमे की साख पर सवाल उठना लाजमी है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला रायपुर (ग्रामीण) जिले से सामने आया है। यहां अवैध शराब की बिक्री पर लगाम कसने में नाकाम रहे और शराब माफिया से संदिग्ध रूप से बातचीत करते पाए गए गोबरा नवापारा के थाना प्रभारी (निरीक्षक) दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

​पुलिस अधीक्षक (रायपुर ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा द्वारा शुक्रवार (29 मई 2026) को जारी किए गए कड़े आदेश के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस के आला अधिकारियों को गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में अवैध शराब की धड़ल्ले से हो रही बिक्री की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। वरिष्ठ अधिकारियों ने थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल को इस पर सख्त नियंत्रण करने के निर्देश दिए थे। लेकिन टीआई की तरफ से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

आखिरकार 29 मई 2026 को एसीसीयू (ACCU) रायपुर की टीम ने देहात बीट के जरिए गोबरा नवापारा स्थित लल्ला सोनवानी के ढाबे पर अचानक दबिश दी। इस रेड कार्रवाई के दौरान ढाबे में भारी मात्रा में अवैध शराब की बिक्री होना पाया गया।

‘एकांत में बातचीत’ ने खोली पोल

रेड की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी मौके पर पहुंच गए। लेकिन एक पुलिस अधिकारी की तरह सख्त एक्शन लेने के बजाय, उनका रवैया बेहद चौंकाने वाला था। आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि टीआई दीपेश जायसवाल ने मौके पर संदिग्ध आचरण प्रदर्शित किया। वे आरोपी ढाबा संचालक लल्ला सोनवानी के साथ एकांत में गुपचुप तरीके से बातचीत करते हुए पाए गए। उनकी इस हरकत ने उनकी सत्यनिष्ठा को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा कर दिया।

एसपी की सख्त कार्रवाई, 7 दिन में जांच के आदेश

अपने ही थाना क्षेत्र में अवैध शराब पर नियंत्रण न कर पाने और रेड के दौरान शराब माफिया के साथ संदिग्ध आचरण दिखाने के इस गंभीर कृत्य को पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने बेहद गंभीरता से लिया है। एसपी ने निरीक्षक दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उन्हें पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।