रायपुर/मरवाही 04 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। मरवाही रेंज के उसाड़ गांव क्षेत्र में दुर्लभ वन्यजीव हनी बैजर (रैटल) का एक जोड़ा देखा गया है। अपनी बेखौफ प्रकृति के लिए मशहूर इस जीव की मौजूदगी ने क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता पर मुहर लगा दी है।
प्रमुख आकर्षण: क्यों खास है हनी बैजर?
हनी बैजर को दुनिया के सबसे साहसी जीवों में गिना जाता है। इसकी कुछ अनूठी विशेषताएँ इसे अन्य वन्यजीवों से अलग बनाती हैं:
- असाधारण बहादुरी: आकार में छोटा होने के बावजूद यह शेर, लकड़बग्घे और जहरीले सांपों से भिड़ने में संकोच नहीं करता।
- कठोर त्वचा: इसकी त्वचा इतनी मजबूत और ढीली होती है कि मधुमक्खियों के डंक और शिकारियों के दांत इस पर बेअसर साबित होते हैं।
- शहद का शौकीन: जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इसे मधुमक्खियों के छत्तों से शहद चुराकर खाना बेहद पसंद है।
वन विभाग की मुस्तैदी और सुरक्षा
दुर्लभ जोड़े की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। वनमंडलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद के निर्देशन में टीम ने सुरक्षा घेरा बनाया और दोनों जीवों को सुरक्षित तरीके से जंगल की गहराई की ओर रवाना किया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।
वन्यजीवों का दिखना हमारी पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती का प्रतीक है। ग्रामीणों से अपील है कि वे इन जीवों को परेशान न करें और दूरी बनाए रखें।”— श्रीमती ग्रीष्मी चांद, डीएफओ मरवाही
— श्रीमती ग्रीष्मी चांद, डीएफओ मरवाही



