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विधायक व समर्थकों पर नायब तहसीलदार से मारपीट करने और कपड़े फाड़ने का आरोप, एसडीएम से भी बदसलूकी

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के राजापुर उप तहसील कार्यालय में बुधवार को हुए एक हाई-वोल्टेज ड्रामे ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर ड्यूटी पर तैनात नायब तहसीलदार तुषार मणिक के साथ मारपीट करने और उनके कपड़े फाड़ने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के बाद से पूरे राजस्व महकमे में भारी आक्रोश का माहौल है।

​हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि मामले को शांत कराने पहुंचे सीतापुर एसडीएम फागेश सिन्हा को भी विधायक समर्थकों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। आरोप है कि बीच-बचाव करने आए एसडीएम के साथ भी सरेआम अभद्र व्यवहार किया गया। एक जनप्रतिनिधि और उनके समर्थकों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किए गए इस कथित बर्ताव ने सिस्टम और सुरक्षा पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘नो ड्यूज’ फाइल से उठी विवाद की चिंगारी

‘रायगढ़ सृष्टि’ को मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे बवाल की जड़ में विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन की एक ‘नो ड्यूज’ (अदेयता प्रमाण पत्र) फाइल है।

​बताया जा रहा है कि विधायक की बहन ने बीते 14 मई को ही अपनी फाइल तहसील कार्यालय में जमा कर दी थी। विधायक पक्ष का आरोप है कि फाइल की सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद नायब तहसीलदार तुषार मणिक द्वारा हस्ताक्षर करने में जानबूझकर लेटलतीफी की जा रही थी। काम अटकाए जाने से परिजनों में पहले से ही नाराजगी थी।

​बुधवार को उन्हें फोन कर कार्यालय बुलाया गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि लंबी जद्दोजहद के बाद आज उनका काम पूरा हो जाएगा। लेकिन कार्यालय पहुंचने पर किसी बात को लेकर अधिकारी और विधायक पक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते हाथापाई और उग्र हंगामे का रूप ले लिया।

राजस्व अमले में भारी आक्रोश, कार्रवाई की मांग

सरकारी दफ्तर के अंदर और दिनदहाड़े अधिकारियों के साथ हुई इस कथित मारपीट और बदसलूकी के बाद राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी उबाल है। कर्मचारी लामबंद होने लगे हैं और इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं।

​अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सत्ताधारी दल के विधायक से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में जिला प्रशासन और पुलिस क्या रुख अपनाती है। क्या अधिकारियों को न्याय मिलेगा या फिर सियासी रसूख के आगे मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा?