रायगढ़ 5 जून 2026। रिश्तों के भरोसे पर चोट और करोड़ों की संपत्ति हड़पने की एक ऐसी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा में एक व्यवसायी की सालों की मेहनत की कमाई, नकदी और बेशकीमती जमीनों को योजनाबद्ध तरीके से गबन करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में मुख्य सूत्रधार रही व्यवसायी की पत्नी और उसके साले को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं ससुर की तलाश सरगर्मी से जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के सख्त रुख और त्वरित न्याय के निर्देश पर धरमजयगढ़ एसडीओपी ने जब इस हाई-प्रोफाइल पारिवारिक धोखाधड़ी की परतें खोलीं, तो होश उड़ाने वाले तथ्य सामने आए।
विश्वास का कत्ल: अलमारी से गायब होते थे पैसे, बेरोजगार साले के खाते में मिले लाखो रुपये
घरघोड़ा के वार्ड क्रमांक 5 (छाल रोड) निवासी पीड़ित व्यवसायी पिंगल कुमार बघेल (41 वर्ष) फेब्रिकेशन, सेंट्रिंग और मीडिया से जुड़े व्यवसाय संचालित करते हैं। साल 2008 में उनका विवाह सीमा यादव (अब सीमा बघेल) से हुआ था। व्यवसाय में जैसे-जैसे तरक्की हुई, घर में ससुर भरतलाल यादव और साले कृष्ण कुमार यादव का दखल बढ़ता गया। पिंगल अपनी रोज की गाढ़ी कमाई पत्नी सीमा को सुरक्षित रखने के लिए सौंपते थे।
साल 2014 के आते-आते पिंगल को अहसास हुआ कि जितनी उनकी कमाई है, उस अनुपात में घर में पैसे बच नहीं रहे हैं। शक होने पर उन्होंने घर में गुप्त रूप से सीसीटीवी कैमरे लगवाए। जब कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो सच देखकर पिंगल के पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी पत्नी उनकी गैर-मौजूदगी में अलमारी से मोटी रकमें निकालकर अपने भाई कृष्ण कुमार यादव को दे रही थी। पुलिस जांच में जब बेरोजगार साले कृष्ण कुमार के बैंक खातों को खंगाला गया, तो उसमें करीब 22 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए।
मुआवजे वाली ‘करोड़ों की जमीन’ पर थी गिद्ध नजर
साजिश सिर्फ नकदी चुराने तक सीमित नहीं थी। साल 2022 में पिंगल बघेल ने तमनार क्षेत्र में एक ऐसी जमीन खरीदने का सौदा तय किया, जो भविष्य में औद्योगिक अधिग्रहण के दायरे में आने वाली थी। इस जमीन के एवज में भविष्य में करोड़ों का मुआवजा और नौकरी मिलने की पक्की संभावना थी।
आरोप है कि जैसे ही इसकी भनक पत्नी सीमा, साले कृष्ण कुमार और ससुर भरतलाल को लगी, तीनों ने मिलकर पिंगल पर चौतरफा मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। डरा-धमकाकर लगभग 13 लाख 50 हजार रुपये की इस बेशकीमती भूमि की रजिस्ट्री पिंगल से सीमा बघेल के नाम करा ली गई। इसके बाद पिंगल की अन्य संपत्तियों को भी अपने नाम कराने के लिए उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा।
एसडीओपी की जांच में खुला राज, बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज
परेशान होकर पीड़ित पिंगल कुमार बघेल ने पुलिस की शरण ली। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जांच की जिम्मेदारी एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी को सौंपी। विस्तृत और तकनीकी जांच में यह पूरी तरह साफ हो गया कि पत्नी, साले और ससुर ने एक राय होकर योजनाबद्ध तरीके से पिंगल को आर्थिक रूप से तबाह करने और उसकी संपत्ति हड़पने का आपराधिक षड्यंत्र रचा था।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर 3 जून 2026 को थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 188/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं 61(2) (अपराधिक षड्यंत्र), 49, 318(4) (धोखाधड़ी), 303(2) (चोरी), 316(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की त्वरित दबिश: दो आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे
थाना प्रभारी घरघोड़ा, निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल एक्शन लेते हुए 4 जून 2026 को आरोपी पत्नी सीमा बघेल (41 वर्ष) और साले कृष्ण कुमार यादव (39 वर्ष, निवासी पैलपारा, सारंगढ़) को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। कड़ाई बरतने पर दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले के तीसरे आरोपी ससुर भरतलाल यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।



