रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रतिभा और औद्योगिक विशेषज्ञता का डंका एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर बजा है। राजधानी रायपुर के निवासी और ‘शाश्वत हिंदू जागृति’ के राष्ट्रीय संयोजक राजीव लोचन श्रीवास्तव को केंद्र सरकार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें केंद्रीय लौह एवं इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत ‘स्टील उपभोक्ता फोरम’ के स्टील एडवाइजरी बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया गया है।
इसके साथ ही, श्रीवास्तव को ‘आयरन एंड स्टील असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड’ का राष्ट्रीय निदेशक भी नियुक्त किया गया है। यह दोहरी जिम्मेदारी उनके अनुभव और उद्योग जगत में उनकी गहरी पैठ का प्रमाण मानी जा रही है।
3 वर्षों के लिए मिली कमान, तत्काल प्रभाव से लागू
केंद्र सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। राजीव लोचन श्रीवास्तव आगामी तीन वर्षों तक इन पदों पर अपनी सेवाएं देंगे। इस्पात मंत्रालय के इस निर्णय को उद्योग और नीति निर्धारण के विशेषज्ञ एक रणनीतिक कदम के रूप में देख रहे हैं, जहाँ अनुभव को सीधे तौर पर नीति निर्माण से जोड़ा गया है।
’विकसित भारत’ और ‘ग्रीन स्टील’ पर रहेगा फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” विजन को गति देने के लिए यह नियुक्ति काफी अहम है। भविष्य में स्टील उद्योग के लिए निम्न बिंदुओं पर विशेष कार्य किए जाने की संभावना है:
- ग्रीन स्टील: पर्यावरण के अनुकूल स्टील उत्पादन को बढ़ावा देना।
- ऊर्जा दक्षता: कारखानों में ऊर्जा की खपत को कम कर उत्पादन बढ़ाना।
- नई औद्योगिक नीति: वैश्विक मानकों के अनुरूप भारतीय स्टील सेक्टर को तैयार करना।
छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
राजीव लोचन श्रीवास्तव लंबे समय से खनन (Mining), औद्योगिक परामर्श और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी कई बड़ी परियोजनाओं में उन्होंने सलाहकार के रूप में अपनी तकनीकी और रणनीतिक समझ का लोहा मनवाया है।
उनकी इस उपलब्धि पर प्रदेश के औद्योगिक संगठनों और सामाजिक क्षेत्रों में हर्ष का माहौल है। समर्थकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति से न केवल केंद्र में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व बढ़ा है, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास को भी नई दिशा और प्रेरणा मिलेगी।



