रायगढ़। एक सुरक्षित समाज की नींव तभी मजबूत होती है, जब हमारे घर, आंगन और मोहल्ले महफूज हों। अक्सर घरों के बाहर से गायब होने वाले पानी के मोटर, लोहे की ग्रिल, साइकिल या निर्माण सामग्री की चोरियां महिलाओं और परिवारों की रातों की नींद उड़ा देती हैं। इन चोरियों को बढ़ावा देने वाले ‘अवैध कबाड़ के काले बाजार’ पर नकेल कसते हुए, रायगढ़ पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक बेहद कड़ी और प्रभावशाली कार्रवाई की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों पर काम करते हुए, थाना पूंजीपथरा और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध कबाड़ के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 2.85 टन संदिग्ध कबाड़ और पिकअप वाहन सहित कुल ₹6.85 लाख की संपत्ति जब्त की है।
कार्रवाई पर एक नज़र: तथ्य और आंकड़े
- जब्त संपत्ति का विवरण: 2.85 टन संदिग्ध कबाड़ (कीमत ₹85,500) एवं एक पिकअप वाहन CG13UJ2186 (कीमत ₹6,000,000)।
- कुल जब्ती: ₹6,85,500
- आरोपी की पहचान: बलवंत सारथी (40 वर्ष), पिता- सुंदरलाल सारथी, निवासी- ग्राम हाटी, थाना- छाल।
- दर्ज अपराध: धारा 35(क), 35(ड) BNSS एवं धारा 303(2) BNS के तहत मामला दर्ज।
क्यों हर गृहिणी और परिवार के लिए अहम है यह कार्रवाई?
अक्सर छोटी-बड़ी चोरियों के पीछे नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का हाथ होता है, जिन्हें अपना चुराया हुआ माल खपाने के लिए ऐसे ही ‘अवैध कबाड़ कारोबारियों’ की जरूरत होती है। जब तक यह सिंडिकेट सक्रिय रहता है, तब तक घरों की सुरक्षा पर सेंधमारी का खतरा मंडराता रहता है।
रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई सीधे तौर पर उस ‘इकोसिस्टम’ पर प्रहार है जो हमारे घरों को निशाना बनाता है। कबाड़ के इस अवैध नेटवर्क के टूटने से इलाके में छिटपुट चोरियों पर सीधा अंकुश लगेगा, जिससे महिलाओं को अपने घर और मोहल्ले में एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल मिलेगा।
ऐसे कसा गया आरोपी पर शिकंजा
पुलिस महकमे को मुखबिर तंत्र से लगातार सूचना मिल रही थी कि ग्राम पूंजीपथरा और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से चोरी के कबाड़ की बड़े पैमाने पर खरीदी-बिक्री हो रही है।
- 22 जून 2026 की शाम को सटीक सूचना के आधार पर साइबर सेल और पूंजीपथरा पुलिस ने संयुक्त रूप से ग्राम पूंजीपथरा बस्ती में दबिश दी।
- मौके पर आरोपी बलवंत सारथी अपने पिकअप वाहन में कबाड़ लोड करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
- जब पुलिस टीम ने कबाड़ से संबंधित वैध दस्तावेज (Valid Documents) मांगे, तो आरोपी पसीने-पसीने हो गया और कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका।
- मामले की गंभीरता और चोरी की संपत्ति होने के पुख्ता संदेह पर पुलिस ने गवाहों के सामने माल और वाहन को विधिवत जब्त कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।



