रायगढ़ | छत्तीसगढ़ में अवैध मादक पदार्थों की खेती का नेटवर्क लगातार गहरी जड़ें जमाता दिख रहा है। दुर्ग और बलरामपुर जैसे जिलों के बाद अब रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत आमाघाट में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री के नशामुक्ति के सख्त बयानों के बावजूद जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।
तरबूज और ककड़ी के नाम पर चल रहा था काला कारोबार
जानकारी के मुताबिक, तमनार के आमाघाट में जिस जमीन को तरबूज और ककड़ी की खेती के लिए लिया गया था, वहां गुपचुप तरीके से अफीम की फसल उगाई जा रही थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर और इतने लंबे समय तक बिना प्रशासनिक और पुलिसिया जानकारी के ऐसी खेती संभव नहीं है। इस खुलासे ने खुफिया तंत्र और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली को कटघरे में ला खड़ा किया है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने किया मौका मुआयना
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर रायगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने तमनार ब्लॉक के आमाघाट का दौरा किया और अवैध अफीम की खेती का निरीक्षण किया।
कांग्रेस नेताओं के प्रमुख आरोप और बयान:
- प्रशासनिक विफलता: जिलाध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने राज्य सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल एक जिले का मामला नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में फैल रहे एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
- मिलीभगत की आशंका: जिला कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने इसे केवल लापरवाही न मानते हुए कहा कि इसमें ऊपर से नीचे तक मिलीभगत और गहरे भ्रष्टाचार की बू आ रही है। दूसरी फसल की आड़ में अफीम उगाना एक सुनियोजित अपराध है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग और आंदोलन की चेतावनी
निरीक्षण के बाद कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपी जाएगी। पार्टी ने सरकार से निम्नलिखित मांगे की हैं:
- मामले की तत्काल उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच हो।
- केवल छोटे स्तर के कर्मचारियों या मजदूरों पर कार्रवाई कर मामले को न दबाया जाए, बल्कि असली सरगनाओं को बेनकाब किया जाए।
- नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
निरीक्षण के दौरान नगेन्द्र नेगी के साथ अनिल अग्रवाल (चीकू), मुकुंद मुरारी पटनायक, महामंत्री दीपक मंडल, प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना, देवेंद्र शर्मा, बबलू साहू, वासुदेव साहू, रामकुमार भगत, देवा साहू, नरेश ठाकुर, सीताराम चौहान और रामू दास महंत सहित तमनार ब्लॉक कांग्रेस के कई पदाधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार और प्रशासन इस बड़ी चुनौती से कैसे निपटते हैं और क्या प्रदेश में फैलते इस नशे के कारोबार पर नकेल कसी जा सकेगी।


