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‘सुशासन तिहार’ में सांसद बृजमोहन अग्रवाल का रौद्र रूप, घूसखोरी की शिकायत पर नायब तहसीलदार को मंच से लगाई फटकार.. देखें Video

रायपुर (विशेष संवाददाता): राजधानी रायपुर के समोदा में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भ्रष्टाचार और विभागीय कार्यों में लेटलतीफी की शिकायतों पर स्थानीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल भड़क उठे। उन्होंने भरी सभा में नायब तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाई और उनके कार्यालय में लंबित प्रकरणों की जांच के आदेश दे दिए। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

​शुक्रवार को आरंग थाना क्षेत्र के नगर पंचायत समोदा के हाई स्कूल मैदान में प्रशासन की ओर से ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। कार्यक्रम का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था।

​इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने समोदा तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार गजानंद सिदार की कार्यशैली को लेकर मोर्चा खोल दिया।

ग्रामीणों के मुख्य आरोप:

  • ​राजस्व संबंधी मामलों में जानबूझकर अनावश्यक विलंब करना।
  • ​कार्यों के निपटारे के लिए पैसों (रिश्वत) की मांग करना।

सांसद ने मंच से लगाई क्लास

​जनता के मुंह से खुलेआम भ्रष्टाचार की शिकायतें सुनते ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने मंच से ही माइक पर नायब तहसीलदार गजानंद सिदार को जमकर लताड़ लगाई।

​सांसद ने सख्त लहजे में अधिकारी से सवाल किया, > “जनता को किसको पैसे देने की बात करते हो? सांसद जी को कितना पैसा दिए जो जनता को बोलते हो?”

​उन्होंने अधिकारी को अपना रवैया और कार्यशैली सुधारने की कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि क्षेत्र से सबसे ज्यादा शिकायतें उन्हीं के खिलाफ आ रही हैं। सांसद ने तंज कसते हुए पूछा, “आपका अभिनंदन करें या क्या करें, बताओ? सबसे ज्यादा शिकायत आपकी आती है।”

तीन दिन के भीतर मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद ने केवल फटकार तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि मौके पर ही प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए।

​उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिरिक्त कलेक्टर कीर्तिमान राठौर और एसडीएम अभिलाषा पैकरा को निर्देशित किया कि वे तत्काल प्रभाव से नायब तहसीलदार कार्यालय में लंबित सभी राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करें। सांसद ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इस मामले की पूरी जांच कर तीन दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट उनके समक्ष प्रस्तुत की जाए।