रायपुर/रायगढ़: छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा नए अधिकारियों को मैदानी अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य पुलिस सेवा के 54 प्रशिक्षु सूबेदारों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए विभिन्न जिलों में पदस्थ किया है। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं।
रायगढ़ को भी मिले नए अधिकारी
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी इस सूची में रायगढ़ जिले को भी शामिल किया गया है। रायगढ़ में प्रशिक्षु सूबेदारों की पदस्थापना से स्थानीय पुलिस बल को नई ऊर्जा मिलेगी। यह व्यावहारिक प्रशिक्षण इन युवा अधिकारियों को जिले की भौगोलिक स्थिति, मैदानी चुनौतियों, कानून-व्यवस्था के संधारण और अपराध नियंत्रण की बारीकियों को समझने का बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।
इन प्रमुख जिलों में दी गई जिम्मेदारी
डीजीपी अरुण देव गौतम के आदेशानुसार, इन 54 प्रशिक्षु सूबेदारों को प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लेकर प्रमुख मैदानी इलाकों में पदस्थ किया गया है ताकि उन्हें हर तरह की परिस्थितियों का अनुभव मिल सके। जिन प्रमुख जिलों में इन्हें भेजा गया है, उनमें शामिल हैं:
- मैदानी और शहरी क्षेत्र: रायगढ़, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, और बलौदाबाजार।
- बस्तर संभाग (नक्सल प्रभावित क्षेत्र): कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर।
- सरगुजा संभाग: जशपुर, सूरजपुर और कोरिया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य
इस जिला व्यावहारिक प्रशिक्षण (District Practical Training) का मुख्य लक्ष्य पुलिस अकादमी की ट्रेनिंग के बाद अधिकारियों को वास्तविक परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करना है। थानों की दैनिक कार्यप्रणाली, विवेचना (Investigation), अपराध की रोकथाम और आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ये प्रशिक्षु सूबेदार अब सीधे फील्ड में रहकर काम सीखेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अपनी सेवाएं देंगे।
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