मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ उपजेल से भ्रष्टाचार और कैदियों के शोषण का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां पदस्थ एक जेल प्रहरी का 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रहरी पूरी बेशर्मी के साथ “राधे-राधे” बोलते हुए रिश्वत की रकम अपनी जेब में रखता हुआ नजर आ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से आरोपी प्रहरी को निलंबित कर दिया है।
कैदियों को प्रताड़ित कर अवैध वसूली का खेल
जानकारी के अनुसार, उपजेल में विचाराधीन कैदियों को प्रताड़ित कर उनसे मोटी रकम वसूलने का खेल चल रहा था। आरोपी प्रहरी संतोष तिवारी पर आरोप है कि उसने एक विचाराधीन कैदी को परेशान न करने के एवज में उसके परिजनों से करीब 1 लाख 30 हजार रुपये की बड़ी रकम ऐंठी है। इसी अवैध वसूली के दौरान किसी ने 50 हजार रुपये नकद लेते हुए प्रहरी का वीडियो मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जो अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

वीडियो वायरल होने के बाद जेल महकमे में हड़कंप
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही जेल प्रशासन और स्थानीय महकमे में हड़कंप मच गया। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि प्रहरी किस तरह बेखौफ होकर घूस ले रहा है। यह घटना जेल के भीतर की सुरक्षा, बंदियों के मानवाधिकार और वहां की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई बड़े सवाल खड़े कर रही है।
अधीक्षक की त्वरित कार्रवाई, जांच के आदेश
रिश्वतखोरी का वीडियो संज्ञान में आते ही जेल अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाया है। आरोपी प्रहरी संतोष तिवारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन अब इस बात की भी तफ्तीश कर रहा है कि इस अवैध वसूली के खेल में उपजेल के अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं या नहीं। फिलहाल पूरे मामले की सघन जांच जारी है।



