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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले 11 नए सीनियर एडवोकेट: रजिस्ट्रार जनरल ने जारी की अधिसूचना, वकालत के क्षेत्र में बढ़ा कद

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ न्याय जगत से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए प्रदेश के 11 अनुभवी अधिवक्ताओं को ‘सीनियर एडवोकेट’ (वरिष्ठ अधिवक्ता) के रूप में नामित किया है। उच्च न्यायालय के इस निर्णय के बाद विधिक गलियारों में हर्ष का माहौल है।

इन नियमों के तहत हुई नियुक्तियां

​जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह नियुक्तियां अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 16 और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (वरिष्ठ अधिवक्ताओं की नियुक्ति) नियम, 2025 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई हैं।

​विशेष रूप से, यह निर्णय माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 13 मई 2025 को ‘जितेंद्र उर्फ कल्ला बनाम राज्य’ मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की ‘फुल कोर्ट’ (पूर्ण न्यायालय) ने बीते 28 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में इन नामों पर अपनी अंतिम मुहर लगाई थी, जिसे अब तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नियुक्त हुए दिग्गज

​उच्च न्यायालय द्वारा जारी सूची में राज्य के उन नामचीन वकीलों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय से कानून की बारीकियों और पैरवी से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। नियुक्त किए गए सीनियर एडवोकेट की सूची इस प्रकार है:

  1. शैलेंद्र दुबे
  2. रणवीर सिंह मरहस
  3. हमीदा सिद्दीकी
  4. यशवंत ठाकुर
  5. अनूप मजूमदार
  6. नीलाभ दुबे
  7. अमृतो दास
  8. मतीन सिद्दीकी
  9. नौशिना आफरीन अली
  10. अरविन्द श्रीवास्तव
  11. तारेन्द्र कुमार झा

क्यों खास है यह पद?

​किसी भी अधिवक्ता के लिए ‘सीनियर एडवोकेट’ का दर्जा प्राप्त करना उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। यह सम्मान उनकी लंबी कानूनी सेवा, न्यायालय में उनके आचरण और कानून के प्रति उनकी गहरी समझ को देखते हुए दिया जाता है। अब ये सभी 11 अधिवक्ता वरिष्ठता की श्रेणी में शामिल होकर विधिक प्रक्रियाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।