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CG NEWS: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वतखोरी , इंटरनेशनल रेफरी और टीटीई को CBI ने रंगे हाथों पकड़ा

रायपुर: रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं को ठगने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की रायपुर टीम ने शनिवार को रेलवे के दो कर्मचारियों को 5 लाख रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी एक महिला अभ्यर्थी से रेलवे में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर यह मोटी रकम वसूल रहे थे।

खेल जगत से जुड़े हैं दोनों आरोपी

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए दोनों आरोपी खेल जगत के जाने-माने चेहरे हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में इंजीनियरिंग विभाग का डीएमएस (DMS) बी. राजशेखर राव शामिल है, जो एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का बॉडीबिल्डिंग रेफरी भी है। वहीं, दूसरी आरोपी रामालक्ष्मी है, जो रेलवे में टीटीई (TTE) होने के साथ-साथ एक महिला वेटलिफ्टर है।

रायपुर और दुर्ग में CBI की ताबड़तोड़ छापेमारी

सीबीआई को काफी समय से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रही इस अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद टीम ने एक सटीक जाल बिछाया। जैसे ही आरोपियों ने महिला अभ्यर्थी से घूस के 5 लाख रुपये लिए, टीम ने उन्हें दबोच लिया।

​सीबीआई ने शनिवार को रायपुर और दुर्ग में एक साथ दबिश दी। आरोपी राजशेखर राव को दुर्ग की न्यू पुलिस लाइन स्थित उसके निवास से गिरफ्तार किया गया, जबकि रामालक्ष्मी को रायपुर के डीआरएम (DRM) ऑफिस से हिरासत में लिया गया।

घर से मिला लाखों का कैश, DRM दफ्तर ने की पुष्टि

कार्रवाई के दौरान सीबीआई की टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर घंटों तक सघन तलाशी ली। इस दौरान उनके पास से लाखों रुपये नकद और कई अहम व संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। रायपुर डीआरएम कार्यालय ने भी अपने कर्मचारियों पर हुई इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

पूछताछ में खुल सकते हैं कई बड़े राज

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने दोनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें 19 मई तक (चार दिनों की) पुलिस रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ‘जॉब रैकेट’ के तार कहां तक फैले हैं और अब तक कितने बेरोजगार युवा इनकी ठगी का शिकार हुए हैं। माना जा रहा है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में रेलवे के कुछ और लोगों या दलालों के नाम भी सामने आ सकते हैं।