रायगढ़। जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर नकेल कसते हुए पुलिस ने एक बड़े बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर सेल, कोतवाली और चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच शातिर बाइक चोरों और चोरी की गाड़ियां खरीदने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब एक लाख रुपये कीमत की तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। यह अहम सफलता मुखबिर की सूचना पर मुख्य आरोपी आयुष दास महंत को सत्तीगुड़ी चौक के पास चोरी की बाइक के साथ पकड़े जाने के बाद मिली, जिससे पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया।

मुख्य आरोपी आयुष दास महंत से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सिलसिलेवार वारदातों को अंजाम देना कुबूल किया। उसने पुलिस को बताया कि तीन सप्ताह पहले उसने सत्तीगुड़ी चौक से एक बजाज सीटी-100 चुराकर संबलपुरी के दशरथ खड़िया को महज तीन हजार रुपये में बेच दी थी। इसके अलावा उसने विष्णु राठिया और जलधर कुंवर के साथ मिलकर एक होंडा एसपी-125 और अमन खड़िया व अमित भोय के साथ मिलकर चक्रधरनगर क्षेत्र से हीरो ग्लैमर पार की थी। शातिर आरोपियों ने हीरो ग्लैमर का नंबर प्लेट बदलकर उसे संबलपुरी निवासी नरसिंग चौहान के पास 4,700 रुपये में गिरवी रख दिया था।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और मेमोरेंडम के आधार पर दबिश देकर तीनों चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कर ली हैं। इस पूरे मामले में कोतवाली और चक्रधरनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज किए गए थे। विवेचना के दौरान चोरी का माल खरीदने, छिपाने और अपराध में सहभागिता पाए जाने पर प्रकरण में धारा 317(2) और 3(5) भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने आयुष दास महंत, विष्णु राठिया, जलधर कुंवर, अमन खड़िया और अमित भोय के साथ-साथ चोरी की बाइक के खरीदार दशरथ खड़िया और नरसिंग चौहान को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी सात आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस संयुक्त और प्रभावी कार्रवाई को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है कि जिले में अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस न केवल चोरी करने वालों पर नकेल कस रही है, बल्कि चोरी की संपत्ति खरीदने वालों को भी समान रूप से कानून के दायरे में ला रही है; ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।



