कोरबा। शासन-प्रशासन के लाख दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। आम आदमी और किसानों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए आज भी बाबुओं की जेबें गर्म करनी पड़ रही हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला कोरबा जिले से सामने आया है, जहां एक पटवारी का किसान से रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है और पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम ने आरोपी पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक घटनाक्रम कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक अंतर्गत आने वाली पसान तहसील के पिपरिया हल्के का है। यहां पदस्थ पटवारी विनोद अग्रवाल (जिसके पास पिपरिया व सिर्री हल्के का प्रभार है) ने एक मजबूर किसान से उसके जायज काम के एवज में रुपयों की भारी मांग की थी। आरोपी पटवारी ने किसान की जमीन का वन पट्टा ऑनलाइन दर्ज करने के नाम पर 5 हजार रुपये और फौती नामांतरण के लिए 10 हजार रुपये की घूस मांगी थी।
किसान ने दिखाई हिम्मत, कैमरे में कैद की करतूत
लगातार दफ्तर के चक्कर काट रहे मजबूर किसान ने अपना काम करवाने के लिए पटवारी की मांग पूरी तो की, लेकिन उसने भ्रष्टाचारी को बेनकाब करने की ठान ली। किसान ने बड़ी ही चालाकी से रिश्वत देते वक्त अपने मोबाइल का कैमरा ऑन कर लिया। इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पटवारी विनोद अग्रवाल किस तरह टेबल के नीचे से रिश्वत की रकम ले रहा है और बेखौफ होकर नोटों की गिनती कर रहा है।
एसडीएम ने लिया कड़ा संज्ञान
जैसे ही पटवारी की इस काली करतूत का वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ, प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए पोड़ी उपरोड़ा के एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने त्वरित कार्रवाई की। प्रथम दृष्टया पटवारी को भ्रष्टाचार और पदीय गरिमा के विपरीत आचरण का दोषी पाते हुए एसडीएम ने विनोद अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है। प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई से इलाके के अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
देखिए वीडियो –



