बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाली एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक तरफ जिले के पुलिस कप्तान कबाड़ माफियाओं पर नकेल कसने के सख्त निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कोनी थाने के भीतर एक कबाड़ कारोबारी की ‘VIP खातिरदारी’ की जा रही थी। सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने और मीडिया में खबर उछलने के बाद बिलासपुर एसएसपी (SSP) रजनेश सिंह ने कड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में एक प्रधान आरक्षक और एक आरक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बीते दिनों बिलासपुर के कोनी थाने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई। इस तस्वीर में कबाड़ माफिया अकबर खान थाने के भीतर आराम से कुर्सी पर बैठा हुआ है और उसके हाथों में चाय का प्याला है। सामने खड़े पुलिसकर्मी उसकी सेवा भाव में लगे नजर आ रहे हैं। इस नजारे को देखकर ऐसा कतई नहीं लग रहा था कि वह कोई आरोपी है। बंद कमरों में इस बात की चर्चा तेज हो गई थी कि कोनी पुलिस का इस कबाड़ माफिया को खुला संरक्षण प्राप्त है और हर महीने एक मोटी ‘बंधी रकम’ के एवज में इस अवैध कारोबार को फलने-फूलने दिया जा रहा है।
एसपी के निर्देशों की महज कागजी खानापूर्ति
हैरानी की बात यह है कि महज दो दिन पहले ही बिलासपुर एसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश दिए थे कि अवैध कबाड़ का कारोबार करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। लेकिन कोनी थाना क्षेत्र में अवतार पैलेस के सामने संचालित इस कबाड़ दुकान पर कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने सिर्फ धारा 170 बीएनएस (BNS) के तहत एक औपचारिक चालान काटकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली।
एसएसपी का कड़ा एक्शन
थाने के अंदर इस ‘VIP ट्रीटमेंट’ की खबर को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल रिपोर्ट तलब की और प्रारंभिक जांच के बाद इस पूरे मामले में संदिग्ध भूमिका निभाने वाले प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी और आरक्षक अनुज जांगड़े पर गाज गिरा दी। एसएसपी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों और अवैध कारोबारियों को संरक्षण देने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ASP ने दी सफाई, कहा- ‘पूछताछ के लिए बुलाया था’
इस पूरे बवाल और फजीहत के बीच एडिशनल एसपी (ASP) पंकज पटेल का बयान भी सामने आया। अपने विभाग का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि आरोपी को कोई ‘VIP ट्रीटमेंट’ नहीं दिया जा रहा था, बल्कि उसे सिर्फ दस्तावेजों की जांच के लिए थाने बुलाया गया था। इसके साथ ही पुलिस की तरफ से यह दावा किया गया है कि अवतार पैलेस के सामने स्थित उस विवादित कबाड़ दुकान को फिलहाल सील कर दिया गया है।
बहरहाल, इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि महकमे में काली भेड़ों की कोई जगह नहीं है, लेकिन इस घटना ने निचले स्तर पर पुलिस और माफियाओं के बीच के नेक्सस को एक बार फिर उजागर कर दिया है।



