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दिनदहाड़े गुंडागर्दी: दुकान में घुसकर व्यापारी पर जानलेवा हमला, मर्डर के इरादे से आए थे बदमाश..!

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में पुलिस कप्तान आंजनेय वाष्र्णेय के जाते ही मानो अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं और कानून-व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगी है। शहर के हृदयस्थल कहे जाने वाले वीरांगना लक्ष्मीबाई व्यावसायिक परिसर में दिनदहाड़े एक कपड़ा व्यापारी पर हुआ जानलेवा हमला इसी का जीता-जागता प्रमाण है। दोपहर के वक्त दुकान में घुसकर लाठी-डंडों से किए गए इस खौफनाक हमले ने पूरे सारंगढ़ शहर और व्यापारी वर्ग में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

ग्राहकों के सामने ही टूट पड़े बदमाश

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के वार्ड क्रमांक 9 निवासी सम्मी केशरवानी की वीरांगना लक्ष्मीबाई कॉम्प्लेक्स में ‘बॉयज कलेक्शन’ नाम से कपड़े की दुकान है। रोजमर्रा की तरह आज दोपहर करीब 1:40 बजे जब सम्मी अपनी दुकान में ग्राहकों को कपड़े दिखा रहे थे, तभी सोनू यादव नामक युवक अपने दो अन्य अज्ञात साथियों के साथ वहां आ धमका। इससे पहले कि दुकान संचालक या ग्राहक कुछ समझ पाते, तीनों युवकों ने सम्मी केशरवानी पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया।

सिर को किया गया टारगेट, हत्या की थी मंशा

यह पूरी खौफनाक वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हमलावरों का मुख्य निशाना व्यापारी का सिर था। डंडों के आगे लोहे के खोल (कैप) लगे हुए थे, जो इस बात की स्पष्ट तस्दीक करते हैं कि यह कोई अचानक हुआ विवाद नहीं, बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र था। पीड़ित व्यापारी सम्मी केशरवानी ने बताया कि हमलावर अपने साथ शराब की खाली बोतलें भी लेकर आए थे, जिससे उनकी मंशा हत्या करने की ही प्रतीत हो रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि सम्मी फुर्ती दिखाते हुए जान बचाकर दुकान से बाहर नहीं भागते, तो आज उनकी जान जा सकती थी।

कानून और व्यवस्था पर उठा बड़ा सवाल

इस दुस्साहसिक घटना ने सारंगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। घटनास्थल से सिटी कोतवाली की दूरी महज 500 मीटर है। दिन के 2 बजे अगर कोई व्यापारी अपनी ही दुकान में सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

​स्थानीय लोगों और व्यापारियों का मानना है कि जब तक तत्कालीन एसपी आंजनेय वाष्र्णेय जिले में पदस्थ थे, असामाजिक तत्वों में खाकी का खौफ कायम था। लेकिन उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने और नए एसपी की पदस्थापना में हो रही देरी के कारण जिले में अपराधियों का बोलबाला हो गया है। इसके अलावा, सिटी कोतवाली में वर्षों से जमे कुछ पुलिसकर्मियों के कारण भी अपराधियों के मन से पुलिस का भय समाप्त होता दिख रहा है, जिसकी परिणति आज के इस जानलेवा हमले के रूप में सामने आई है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

बहरहाल, दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद सिटी कोतवाली पुलिस हरकत में आई है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नामजद आरोपी सोनू यादव और उसके 2 अज्ञात साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 333, 118(1), 296, 115(2), 351(3), और 3(5) के तहत गंभीर अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। अब देखना यह है कि पुलिस इन बेलगाम अपराधियों को कब तक सलाखों के पीछे पहुंचा पाती है और शहर के व्यापारियों में सुरक्षा का विश्वास कैसे बहाल करती है।