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थाने के ठीक सामने गूंजी गोली की आवाज: जिले में बस्तर फाइटर के जवान की दर्दनाक मौत

रायपुर/बीजापुर/धमतरी : छत्तीसगढ़ के पुलिस और सुरक्षा महकमे से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है। प्रदेश में महज कुछ ही घंटों के अंतराल में दो जवानों ने खौफनाक कदम उठाते हुए अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है। पहली घटना नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले की है, जहां ‘बस्तर फाइटर’ के एक जवान ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को उड़ा लिया। वहीं, दूसरी घटना धमतरी की है, जहां चुनाव ड्यूटी से लौटकर छुट्टी मना रहे CAF के एक जवान ने फांसी लगाकर जान दे दी। इन दोनों घटनाओं ने पूरे पुलिस विभाग में शोक और हड़कंप का माहौल पैदा कर दिया है।

थाने के ठीक सामने गूंजी गोली की आवाज: बीजापुर में बस्तर फाइटर के जवान की दर्दनाक मौत

​बीजापुर जिले के कोतवाली थाने के सामने उस वक्त अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक गोली चलने की जोरदार आवाज आई। यह गोली किसी नक्सली हमले की नहीं थी, बल्कि ‘बस्तर फाइटर’ के एक जवान की सर्विस राइफल से चली थी। जानकारी के मुताबिक, उसूर ब्लॉक के मुर्दोण्डा गांव के रहने वाले जवान दिलीप तेलम ने अज्ञात कारणों के चलते अपनी ही राइफल से खुद पर फायर कर दिया।

​गोली लगते ही जवान लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम फौरन मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर हथियार बरामद कर लिया है। आखिर दिलीप ने मौत को गले लगाने का इतना खौफनाक फैसला क्यों लिया, यह अभी रहस्य बना हुआ है। आला अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर संभावित पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है।

बंगाल-असम चुनाव ड्यूटी से लौटा था CAF जवान, धमतरी के पिंक सिटी में फंदे से लटकती मिली लाश

​बीजापुर की घटना की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि धमतरी जिले से एक और दुखद खबर आ गई। यहां छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के एक जवान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान भटगांव निवासी जागेश्वर प्रसाद के रूप में हुई है।

​मिली जानकारी के अनुसार, जागेश्वर सूरजपुर में पदस्थ था और हाल ही में बंगाल और असम चुनाव की संवेदनशील ड्यूटी पूरी करने के बाद छुट्टी लेकर वापस लौटा था। वह धमतरी शहर की पिंक सिटी कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। जब कमरे में उसकी लाश फांसी के फंदे पर झूलती मिली, तो आसपास के इलाके में सन्नाटा पसर गया।

​सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस अब मृतक के पड़ोसियों और परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि जवान के इस आत्मघाती कदम उठाने के पीछे की असली वजह सामने आ सके।

तनाव या कुछ और? उठ रहे हैं सवाल

सुरक्षाबलों में काम करने वाले जवानों पर काम का भारी दबाव होता है। महज कुछ घंटों के भीतर दो जवानों की आत्महत्या की इन घटनाओं ने एक बार फिर पुलिस महकमे के भीतर जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और उन पर पड़ रहे तनाव (Stress) को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन मामले की तह तक जाने का दावा कर रहा है।