रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने प्रशासनिक अनुशासन और नैतिकता को सर्वोपरि रखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी (आईजी) IPS रतन लाल डांगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह सख्त कार्रवाई सोशल मीडिया पर उनकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरों के वायरल होने के बाद की गई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि IPS डांगी का आचरण उनके गरिमामयी पद के अनुरूप नहीं था। उन पर निम्नलिखित आरोप हैं:
- अमर्यादित आचरण: उनका व्यवहार नैतिकता और तय सेवा नियमों के सख्त खिलाफ था।
- पद का दुरुपयोग: उन पर अपने उच्च पद के प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने और स्थापित सामाजिक मानकों का उल्लंघन करने के आरोप लगे हैं।
- छवि खराब करना: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक गतिविधियों के व्यापक प्रसार से पुलिस विभाग और राज्य प्रशासन की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा।
नियमों के तहत हुई कार्रवाई
राज्य शासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के तहत कार्रवाई की है। फिलहाल उन्हें निलंबित कर उनके खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

निलंबन अवधि के नियम और शर्तें
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार निलंबन के दौरान IPS डांगी के लिए कुछ सख्त नियम तय किए गए हैं:
- मुख्यालय: निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय ‘पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर’ निर्धारित किया गया है।
- पाबंदी: सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वे अपना मुख्यालय किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ सकेंगे।
- भत्ता: निलंबन के दौरान उन्हें शासकीय नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
राज्य सरकार के इस कदम को पुलिस महकमे में कड़ा अनुशासन बनाए रखने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक स्पष्ट और सख्त संदेश माना जा रहा है।


