कोरबा (छत्तीसगढ़) | बुधवार एसईसीएल (SECL) की दीपका खदान में बुधवार को एक युवा श्रमिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और साथी ड्राइवरों ने कलिंगा कंपनी के मुख्य गेट पर चक्का जाम कर दिया, जिससे खदान का परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, कलिंगा कंपनी में कार्यरत एक युवा श्रमिक का शव संदिग्ध हालत में पाया गया। मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में श्रमिक और मृतक के परिजन मौके पर एकत्रित हो गए। परिजनों का आरोप है कि यह मौत सामान्य नहीं है और इसके पीछे प्रबंधन की लापरवाही या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बड़ा कारण हो सकती है।
कंपनी गेट पर प्रदर्शन और ‘दलालों’ पर आरोप
बुधवार सुबह से ही प्रदर्शनकारियों ने कलिंगा कंपनी के गेट को घेर लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि घटना को दबाने के लिए कंपनी से जुड़े कुछ कथित ‘बिचौलिए’ सक्रिय हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि उन पर मामले को रफा-दफा करने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है, जिसे वे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
”हमें केवल खोखले आश्वासन नहीं चाहिए। जब तक हमारी मांगों पर लिखित गारंटी नहीं मिलती, प्रदर्शन जारी रहेगा।” — मृतक के परिजन
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगें:
आक्रोशित ग्रामीणों और श्रमिकों ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित माँगें रखी हैं:
- मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा।
- परिवार के एक सदस्य को स्थाई नौकरी की पात्रता।
- घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जाँच।
- खदान क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की तत्काल समीक्षा।
पुलिस बल तैनात, तनाव बरकरार
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दीपका थाना पुलिस की टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुँच चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे प्रदर्शनकारियों को समझाने और खदान का काम सुचारू करने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
वर्तमान में खदान क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।


