रायपुर/गरियाबंद 04 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और धमतरी जिलों में फैले उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 के मद्देनजर बढ़ाई गई चौकसी के दौरान एंटी पोचिंग टीम ने तीन पेशेवर शिकारियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
गश्त के दौरान गिरफ्त में आए आरोपी
घटना का सिलसिला 15 जनवरी 2026 को शुरू हुआ, जब दक्षिण उदंती परिक्षेत्र के नागेश बीट में नियमित गश्त कर रही टीम को छह संदिग्ध हथियारबंद लोग दिखाई दिए। घेराबंदी कर टीम ने राजमन यादव को मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि उसने अपने साथियों—गुप्ताराम, भादुराम और ओडिशा के कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर प्रतिबंधित क्षेत्र में डेरा डाला था।
जंगली सुअर का शिकार और बरामदगी
जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि शिकारियों ने 16 जनवरी को गोमारझरी नाले के पास पानी पीने आए जंगली सुअरों का शिकार किया था। आरोपियों की निशानदेही पर की गई छापेमारी में वन विभाग और पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
- 3.100 किलोग्राम जंगली सुअर का मांस।
- भालू का पंजा और शिकार में प्रयुक्त भरमार बंदूक।
- वन्यजीवों को फंसाने के लिए क्लच वायर और फंदे।
पेशेवर अपराधी हैं आरोपी
टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक श्री वरुण जैन के मार्गदर्शन में मुख्य आरोपी गुप्ताराम को भूतबेड़ा बाजार से गिरफ्तार किया गया। रिकॉर्ड की जांच में पाया गया कि ये आरोपी आदतन अपराधी हैं और मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले भी वन्यजीव अपराध के मामले दर्ज हैं।
कानूनी कार्रवाई: तीनों आरोपियों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत 22 जनवरी 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 13 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, फरार आरोपियों की तलाश जारी है।



