रायगढ़, 4 जुलाई 2026। महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए रायगढ़ पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की है।
पहले मामले में चौकी रैरूमाखुर्द पुलिस ने एक 15 वर्षीय अपहृत नाबालिग को सकुशल बरामद कर अपचारी बालक को बाल न्याय बोर्ड भेजा है, वहीं दूसरे मामले में महिला थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर कई सालों तक दुष्कर्म करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
1. नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म: अपचारी बालक निरुद्ध
पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द क्षेत्र से 10 जून 2026 से लापता 15 वर्षीय नाबालिग को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है।
घटनाक्रम और कार्रवाई:
- शिकायत: 14 जून 2026 को पीड़िता की मां ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। (धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज)।
- बरामदगी: पुलिस की लगातार खोजबीन के दबाव में 18 जून को गुम बालिका को पुलिस चौकी में प्रस्तुत किया गया।
- खुलासा: महिला पुलिस अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए बयान में पीड़िता ने बताया कि विधि से संघर्षरत एक बालक उसे शादी का झांसा देकर जबरन अपने गांव ले गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए।
- वैधानिक कार्रवाई: पुलिस ने तत्काल प्रकरण में बीएनएस की धारा 64(2)(m), 65(1) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 जोड़ दी। बाल कल्याण समिति के माध्यम से पीड़िता की काउंसलिंग कराई गई और 1 जुलाई 2026 को अपचारी बालक को अभिरक्षा में लेकर सक्षम न्यायालय/बाल न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया।
2. खुद को कुंवारा बताकर सालों तक किया दुष्कर्म, आरोपी महेंद्र पासवान गिरफ्तार
महिला थाना रायगढ़ ने एक अन्य मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 31 वर्षीय महेंद्र पासवान (निवासी जूटमिल सामने गली, थाना जूटमिल, रायगढ़) को गिरफ्तार किया है।
घटनाक्रम और कार्रवाई:
- धोखाधड़ी: 2 जुलाई 2026 को एक 31 वर्षीय पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई कि साल 2018 में महेंद्र पासवान ने खुद को अविवाहित बताकर उसे शादी का भरोसा दिलाया था। आरोपी ने उसे धोखे में रखकर एक किराये के मकान में साथ रखा और लगातार शारीरिक संबंध बनाए।
- सच्चाई का खुलासा: हाल ही में पीड़िता को पता चला कि आरोपी न सिर्फ पहले से शादीशुदा है, बल्कि उसके तीन बच्चे भी हैं।
- विवाद और बेदखली: सच्चाई सामने आने पर जब पीड़िता ने जवाब मांगा, तो आरोपी ने विवाद किया और 30 जून 2026 को उसे घर से निकाल दिया।
- पुलिस एक्शन: महिला की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज किया। चिकित्सीय परीक्षण के बाद जैविक साक्ष्य सुरक्षित किए गए और पुलिस टीम ने आरोपी महेंद्र पासवान को उसके निवास से धर दबोचा। पूछताछ में जुर्म कबूलने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।



