रायगढ़। प्यार, भरोसा और फिर धोखा—जिले में एक बार फिर एक युवती के साथ शादी का झूठा सपना दिखाकर उसके विश्वास से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। हालांकि, महिलाओं की सुरक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत पूंजीपथरा पुलिस ने इस मामले में बेहद संवेदनशीलता और तत्परता दिखाई है। शिकायत दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर, पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। ‘रायगढ़ सृष्टि’ के माध्यम से यह खबर इस बात की पुष्टि करती है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में स्थानीय पुलिस कितनी मुस्तैदी से न्याय सुनिश्चित कर रही है।
इस दर्दनाक घटनाक्रम की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई थी, जब पीड़िता की मुलाकात आरोपी शेखर बघेल से हुई। आरोपी ने उसे अपने बुने हुए मीठे वादों और जीवन भर साथ निभाने के झूठे सपनों में उलझा लिया। 22 दिसंबर 2025 को वह युवती को पत्नी बनाकर रखने का पूरा भरोसा देकर अपने घर गेरवानी ले गया और उसका शारीरिक शोषण किया। महीनों तक वह उसे पत्नी का दर्जा देने का झांसा देकर उसका इस्तेमाल करता रहा, लेकिन जब युवती ने अपने सम्मान और हक के लिए विवाह का दबाव बनाया, तो आरोपी का असली और क्रूर चेहरा सामने आ गया। उसने न केवल शादी से टालमटोल किया, बल्कि 3 जुलाई को मारपीट और गाली-गलौज कर उसे घर से बेदखल कर दिया। इसके बाद, अपनी हिम्मत बटोरकर पीड़िता ने अपने माता-पिता के साथ पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता और युवती की पीड़ा को समझते हुए थाना पूंजीपथरा पुलिस ने बिना वक्त गंवाए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज किया और आरोपी शेखर बघेल (20 वर्ष) को उसके घर से धर दबोचा। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक संध्यारानी कोका और उनकी पूरी टीम की भूमिका बेहद सराहनीय रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है कि रायगढ़ पुलिस महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता से खड़ी है और ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।



