Skip to content

Raigarh News: शादी का झांसा देकर शोषण और अपहरण कर ज्यादती करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़।  जिले में महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जिले में चलाए जा रहे विशेष “अभियान संवेदना” के तहत महिला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिकाओं से दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी अनिल सोनी और डीएसपी उन्नति ठाकुर के करीबी पर्यवेक्षण में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त की टीम ने इन मामलों में तत्परता दिखाई।

पहला मामला: शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, अश्लील वीडियो बनाकर दी धमकी

​महिला थाना में दर्ज पहली शिकायत के अनुसार, ढिमरापुर निवासी 25 वर्षीय आरोपी विकास नामदेव का पीड़ित परिवार के घर आना-जाना था। आरोपी और उसके परिजनों ने पीड़िता के बालिग होने पर उससे शादी करने का भरोसा दिलाया था, जिसके कारण परिवार उस पर विश्वास करने लगा।

ब्लैकमेलिंग का खेल:

मार्च 2024 में आरोपी विकास नामदेव ने 16 वर्षीय नाबालिग को अपने घर ले जाकर शादी का झांसा देकर पहली बार शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार शादी का आश्वासन देकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता की कुछ अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए थे। जब भी पीड़िता विरोध करती, आरोपी उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे डराता-धमकाता था।

​अंततः पीड़िता ने साहस जुटाकर अपने परिजनों को इस प्रताड़ना की जानकारी दी। परिजनों की शिकायत पर महिला थाना में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 55/2026 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4 व 6 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित दबिश देकर विकास नामदेव को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद घटना में प्रयुक्त उसका मोबाइल फोन जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

दूसरा मामला: घर से ले जाकर जबरन ज्यादती, धमकी देने वाला आरोपी दबोचा

​दूसरा मामला चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है, जहां एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, बीती 2 जून 2026 की रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाकर सो गए थे। देर रात जब महिला की आंख खुली तो उसकी बेटी बिस्तर पर गायब थी। रात में काफी खोजबीन के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला।

अगली सुबह बालिका क्षेत्र के ही अभिनेश चौहान (26 वर्ष) के घर पर मिली। घर लौटने पर पीड़िता ने परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि 2 जून की रात करीब 11:30 बजे आरोपी अभिनेश चौहान उसे जबरन अपने घर ले गया था और कमरे में बंधक बनाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी ने किसी को बताने पर उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी।

​भयभीत परिवार ने आपस में सलाह मशविरा करने के बाद 5 जून 2026 को महिला थाना पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। महिला थाना प्रभारी कुसुम कैवर्त ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपी अभिनेश चौहान के खिलाफ अपराध क्रमांक 56/2026, धारा 137(2) और 65(1) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध किया और तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा।

अपराधियों को कड़ा संदेश, पुलिस की प्राथमिकता सुरक्षा

​इस पूरी वैधानिक कार्रवाई को लेकर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “अभियान संवेदना” का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि पीड़ितों की शिकायतों पर बिना समय गंवाए कड़ी कार्रवाई हो, ताकि समाज में अपराधियों के भीतर कानून का खौफ पैदा हो।

​इस दोहरी और त्वरित कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे, प्रधान आरक्षक संदीप भगत, राजेश उरांव, प्रमिला महंत, मालती कंवर, शीला टोप्पो और प्रतिमा ध्रुव की मुख्य और सराहनीय भूमिका रही।