रायगढ़, 7 जून 2026। रायगढ़ जिले में आर्थिक और संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के कड़े रुख और कुशल निर्देशन में थाना पुसौर पुलिस ने जमीन बेचने के नाम पर 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक रसूखदार आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी भीचरण पटेल पेशे से शासकीय सेवक (पंचायत सचिव) है, जिसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपने ही बचपन के मित्र को ठगी का शिकार बनाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
बचपन की दोस्ती का उठाया फायदा, 35 लाख में तय हुआ था सौदा
मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी इंद्रजीत वर्मा (50 वर्ष), निवासी ग्राम लिंजिर (थाना बरमकेला, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) ने थाना पुसौर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि आरोपी भीचरण पटेल (निवासी ग्राम बघनपुर) उसका बचपन का दोस्त है और वर्तमान में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत है।
आरोपी भीचरण ने प्रार्थी इंद्रजीत को विश्वास में लेते हुए पुसौर तहसील के ग्राम कोडातराई स्थित खसरा नंबर 1021/2 (रकबा 0.1050) की जमीन को अपनी खुद की बताकर बेचने का प्रस्ताव रखा। बचपन की दोस्ती और सरकारी पद पर होने के कारण प्रार्थी ने उस पर भरोसा कर लिया। दोनों के बीच 16 सितंबर 2022 को कुल 35 लाख रुपये में जमीन का सौदा तय हुआ। इसके एवज में प्रार्थी ने 27 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम अग्रिम (एडवांस) के तौर पर आरोपी को सौंप दी और 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर बकायदा लिखापढ़ी भी की गई।
फर्जी दस्तावेज दिखाकर देता रहा झांसा, जांच में खुली पोल
पैसे ऐंठने के बाद आरोपी भीचरण पटेल ने प्रार्थी को किसान किताब और अन्य सरकारी दस्तावेज दिखाकर लगातार गुमराह किया। वह बार-बार आश्वासन देता रहा कि नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होते ही वह रजिस्ट्री करा देगा। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी आरोपी टालमटोल करता रहा, तो प्रार्थी इंद्रजीत वर्मा को शक हुआ।
प्रार्थी ने जब खुद पुसौर तहसील कार्यालय जाकर संबंधित जमीन के रिकॉर्ड की जांच की, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। सरकारी रिकॉर्ड से पता चला कि उस जमीन पर आरोपी भीचरण का कोई मालिकाना हक ही नहीं था और न ही उसके नाम से कोई राजस्व मामला लंबित था। वह जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज थी।
पैसे वापसी के नाम पर थमाए बाउंस चेक
ठगी का अहसास होने पर जब प्रार्थी ने अपने 27 लाख रुपये वापस मांगे, तो आरोपी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए मिन्नतें करने लगा। उसने प्रार्थी को 5 लाख रुपये का एक और 11-11 लाख रुपये के दो चेक (कुल 27 लाख रुपये) थमा दिए। लेकिन जब प्रार्थी ने इन चेकों को बैंक में लगाया, तो सारे चेक बाउंस (अनादृत) हो गए। इसके बाद आरोपी लगातार समय मांगता रहा और जनवरी 2025 में दबाव बढ़ने पर महज 1 लाख रुपये वापस किए। बाकी के 26 लाख रुपये डकारने की नीयत से वह लगातार बहानेबाजी करता रहा।
पुलिस ने दर्ज किया जुर्म, आरोपी सलाखों के पीछे
ठगी और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर प्रार्थी ने पुसौर थाने में न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी भीचरण पटेल के खिलाफ अपराध क्रमांक 159/2026, धारा 420 भादवि (IPC) के तहत जालसाजी का मामला दर्ज किया।
थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुख्ता सबूत जुटाए और आरोपी भीचरण पटेल (54 वर्ष) को धरदबोचा। वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण और त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उपनिरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक योगेश यादव, दिव्या बंजारे और पुसौर थाने के अधीनस्थ स्टाफ की सराहनीय व सक्रिय भूमिका रही।



