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महिला सुरक्षा और मानव तस्करी की रोकथाम के लिए एक्शन मोड में प्रशासन, एसएसपी ने दिए कड़े निर्देश

रायगढ़। जिले में महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह की अध्यक्षता में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिला स्तरीय महिला उत्पीड़न एवं अनैतिक व्यापार निवारण समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस दौरान रोकथाम, बचाव और पीड़ितों के पुनर्वास की विस्तृत समीक्षा करते हुए एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन संवेदनशील मामलों में सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ तत्परता से काम करें। मानव तस्करी रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों की पहचान करने तथा बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख आवागमन स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

​अपराधों पर प्रभावी लगाम लगाने के लिए समाज की भागीदारी को अहम मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पंचायतों, शिक्षण संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने महिला अपराधों और मानव तस्करी से जुड़े लंबित मामलों की त्वरित विवेचना और शीघ्र निराकरण करने की बात कही। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य न केवल अपराधियों पर नकेल कसना है, बल्कि पीड़ितों को सही मार्गदर्शन और त्वरित मदद उपलब्ध कराना भी है। यह तय किया गया है कि समिति हर महीने नियमित बैठक कर इन कार्यों की सतत समीक्षा करेगी।

​बैठक के अंतिम चरण में पीड़ित महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित आश्रय, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के जरिए उन्हें सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की ठोस रणनीति पर मंथन हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, उप पुलिस अधीक्षक उन्नति ठाकुर, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी महेश पटेल, महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी एल.आर. कच्छप, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीकांत दुबे, उप संचालक समाज कल्याण शिव कुमार पाण्डेय सहित डायल 112 प्रभारी पुष्पेन्द्र कुमार श्याम और समिति के अन्य अहम सदस्य मौजूद रहे।