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पुलिस की बड़ी सफलता, विशाखापट्टनम से ओडिशा तक पीछा कर लापता नाबालिग बालिका सकुशल बरामद, पास्को एक्ट के तहत  आरोपी गिरफ्तार

शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वाला 19 वर्षीय धीरज निराला उर्फ नानू भेजा गया जेल; एसएसपी शशि मोहन सिंह के कुशल नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई।

रायगढ़, 27 जून 2026: महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष “अभियान संवेदना” के तहत थाना कोतरारोड़ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अप्रैल माह से लापता एक नाबालिग बालिका को कोड़ातराई क्षेत्र से सकुशल बरामद (दस्तयाब) कर लिया है। इसके साथ ही, बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने वाले और उसका शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी धीरज निराला उर्फ नानू को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

​अप्रैल माह में घर से रहस्यमय ढंग से लापता हुई थी बालिका

​घटनाक्रम के अनुसार, बीते 27 अप्रैल 2026 को पीड़ित बालिका के पिता ने थाना कोतरारोड़ में अपनी नाबालिग पुत्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया था कि 25 अप्रैल की रात परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। देर रात लगभग 2 बजे जब अचानक आंख खुली, तो घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ मिला और उनकी नाबालिग पुत्री वहां नहीं थी। परिजनों द्वारा अपने स्तर पर रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की गई, लेकिन बालिका का कोई सुराग नहीं मिला। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर अपहरण किए जाने की आशंका पर थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 129/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी।

​लोकेशन बदलता रहा शातिर आरोपी, पुलिस ने पीछा कर कोड़ातराई से दबोचा

​थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों के माध्यम से बालिका की तलाश में जुटी रही। विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को सबसे पहले बालिका के आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम जब वहां रवाना होने की तैयारी में थी, तभी आरोपी ने अपना ठिकाना बदल दिया और नया लोकेशन ओडिशा के संबलपुर में प्राप्त हुआ। पुलिस टीम तत्काल संबलपुर के लिए रवाना हुई, लेकिन शातिर आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

​लगातार की जा रही तकनीकी निगरानी और सटीक मुखबिर तंत्र की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आखिरकार 26 जून 2026 को रायगढ़ जिले के कोड़ातराई क्षेत्र में तगड़ी घेराबंदी कर दबिश दी। इस सफल कार्रवाई में पुलिस ने नाबालिग अपहृत बालिका को संदेही धीरज निराला उर्फ नानू (19 वर्ष) के कब्जे से सकुशल बरामद कर लिया।

​पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर धाराएं जोड़ी गईं, आरोपी भेजा गया जेल

​बालिका की सकुशल बरामदगी के बाद नियमतः महिला पुलिस अधिकारी द्वारा उसका विस्तृत कथन कराया गया और उसकी काउंसिलिंग की गई। अपने बयान में पीड़िता ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी धीरज निराला उसे शादी का प्रलोभन देकर बहला-फुसलाकर विशाखापट्टनम और ओडिशा के संबलपुर ले गया था, जहां उसने बालिका का शारीरिक शोषण किया। पीड़िता के बयान और विवेचना के दौरान मिले पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने प्रकरण में धारा 87, 65(1) BNS और धारा 6 पॉक्सो (POCSO) एक्ट जोड़ते हुए आरोपी धीरज निराला उर्फ नानू को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।