रायगढ़ : जिले के घरघोड़ा इलाके में घरेलू हिंसा की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शराब के लिए पैसे न मिलने पर एक कलयुगी पति ने अपनी ही पत्नी पर बांस के डंडे से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल आंगनबाड़ी सहायिका को मेडिकल कॉलेज रायगढ़ रेफर किया गया है। वहीं, महिला संबंधी अपराधों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए रायगढ़ पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर आरोपी पति को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता सत्यवती राठिया (30 वर्ष) ग्राम देवगढ़ में आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत है। उसका पति इंद्रजीत राठिया पेशे से राजमिस्त्री है, लेकिन उसे शराब की बुरी लत है। 21 जून 2026 की दोपहर करीब 1 बजे इंद्रजीत शराब पीने के लिए अपनी पत्नी से पैसे मांगने लगा। जब सत्यवती ने अपनी मेहनत की कमाई शराब के लिए देने से साफ इंकार कर दिया, तो इंद्रजीत गुस्से में आगबबूला हो गया।
उसने पहले गंदी-गंदी गालियां दीं और फिर जान से मारने की नीयत से घर में रखे बांस के डंडे से पत्नी के सिर और दोनों हाथों पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में सत्यवती लहूलुहान होकर गिर पड़ी।
चचेरे भाई ने दर्ज कराई एफआईआर
घायल सत्यवती को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रायगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता के चचेरे भाई पवन राठिया (निवासी चौरंगा) ने घरघोड़ा थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। पवन ने पुलिस को बताया कि उसका जीजा आए दिन शराब पीकर उसकी बहन के साथ मारपीट करता था। परिवार वालों ने उसे कई बार समझाया, लेकिन उसकी हरकतों में कोई सुधार नहीं आया।
पुलिस का एक्शन: टीम गठित कर 24 घंटे में दबोचा
मामला महिला पर जानलेवा हमले का था, इसलिए रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना प्रभारी घरघोड़ा, निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने फौरन एएसआई खेमराज पटेल की अगुवाई में एक टीम ग्राम देवगढ़ भेजी।
पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी इंद्रजीत राठिया (32 वर्ष) को उसके घर (बाजारपारा, देवगढ़) से धर दबोचा। पुलिस की सख्ती के आगे आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया बांस का डंडा भी बरामद कर लिया है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 119(1), 296, 351(3), 109(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

