रायगढ़ : रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत नवागांव स्थित ‘शिव शक्ति स्टील प्लांट’ इन दिनों क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए किसी बड़े अभिशाप में तब्दील हो चुका है। प्लांट की चिमनियों से दिन-रात उगल रहे काले धुएं और कालिख ने इलाके की आबोहवा को पूरी तरह से जहरीला कर दिया है। अब उद्योग प्रबंधन की इस मनमानी के खिलाफ नवागांव की सरपंच मंजू सत्यनारायण चौहान ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
सरपंच ने ग्रामीणों की ओर से छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CGEPB) के क्षेत्रीय अधिकारी को एक कड़ा ज्ञापन सौंपा है, जिसमें साफ चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर इस बेलगाम उद्योग पर लगाम नहीं कसी गई, तो ग्रामीण उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
पेड़-पौधे हुए काले, बीमारियों की चपेट में ग्रामीण
पर्यावरण विभाग को सौंपे गए ज्ञापन में जमीनी हकीकत बयां की गई है। शिव शक्ति प्लांट से बिना किसी रोक-टोक के लगातार जहरीला और काला धुआं छोड़ा जा रहा है। आलम यह है कि हवा में उड़ने वाली कालिख से आसपास के पेड़-पौधे और हरियाली पूरी तरह से काली पड़ चुकी है। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं और जमीन की उपजाऊ क्षमता खत्म हो रही है। इस जानलेवा प्रदूषण का सीधा असर ग्रामीणों की सेहत पर पड़ रहा है। नवागांव और आसपास के लोग लगातार सांस, त्वचा और आंखों की गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
रात के अंधेरे में बंद कर दिए जाते हैं प्रदूषण नियंत्रण उपकरण!
ज्ञापन में एक बेहद गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि उद्योग प्रबंधन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों (ESP) को चालाकी से बंद कर देता है। रात के समय दूर से ही प्लांट से निकलने वाली कालिख साफ देखी जा सकती है। सरपंच का कहना है कि यह पहली बार नहीं है; पूर्व में भी स्थानीय लोगों के भारी विरोध के बाद कुछ दिखावटी कार्रवाई हुई थी, लेकिन उद्योग ने फिर से अपनी मनमानी शुरू कर दी है।
सरपंच ने रखी ये प्रमुख मांगें:
- पर्यावरण विभाग और जिला प्रशासन की टीम द्वारा प्लांट का तत्काल संयुक्त निरीक्षण किया जाए और प्रदूषण का वास्तविक स्तर मापा जाए।
- रात के समय विशेष तौर पर आकस्मिक निरीक्षण हो ताकि प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की हकीकत सामने आ सके।
- पर्यावरणीय मानकों की धज्जियां उड़ाने पर शिव शक्ति प्लांट पर भारी जुर्माना (Environmental Compensation) लगाया जाए।
- उद्योग को सख्त निर्देश दिए जाएं कि वह प्रभावी ETP और ESP लगाए, अन्यथा प्लांट को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए।
- सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभाव का आकलन कर प्रभावित ग्रामीणों का मुफ्त इलाज कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।

कार्रवाई नहीं हुई तो होगा चक्काजाम
सरपंच मंजू सत्यनारायण चौहान ने विभाग को 7 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही सख्त अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर कोई ठोस और जमीनी कार्रवाई नहीं होती है, तो ग्राम पंचायत नवागांव के लोग, स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर शिव शक्ति स्टील प्लांट के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना और बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी पर्यावरण विभाग और जिला प्रशासन की होगी।
अब देखना यह है कि क्या पर्यावरण विभाग इस गंभीर शिकायत के बाद नींद से जागता है, या फिर हमेशा की तरह रसूखदार उद्योगपतियों के आगे नतमस्तक रहता है। ‘रायगढ़ सृष्टि’ इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए रखेगा और हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।




