रायगढ़। रायगढ़ जिले में युवा कांग्रेस (IYC) के अध्यक्ष पद के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। नॉमिनेशन के लिए पोर्टल ओपन हो गया है और वोटिंग की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। लेकिन, फील्ड पर युवाओं का शक्ति प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही कांग्रेस की ‘वर्चुअल दुनिया’ (WhatsApp) में एक ऐसा घमासान छिड़ गया है, जिसने पूरी पार्टी की जमकर फजीहत करा दी है।
सोशल मीडिया पर ‘जिला शहर कांग्रेस रायगढ़’ व्हाट्सएप ग्रुप के कुछ स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन चैट्स में जिस तरह की अमर्यादित भाषा, जातिसूचक गालियों, चंदाखोरी और ‘बीजेपी नेताओं की चड्डी’ तक का जिक्र हुआ है, उसने कांग्रेस के अंदरूनी ‘डिसिप्लिन’ की पोल खोलकर रख दी है।
राहुल गांधी के एजेंडे को पलीता लगा रहे खुद IYC अध्यक्ष
एक तरफ कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी देश भर में घूम-घूम कर दलितों, पिछड़ों और ‘जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ का नारा बुलंद कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, रायगढ़ युवा कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष आशीष जायसवाल शहर कांग्रेस के ऑफिशियल ग्रुप में सरेआम “इस बार चोर च* सब बाहर”** जैसे आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस भद्दी टिप्पणी के बाद खुद कांग्रेसियों को ही डैमेज कंट्रोल के लिए उतरना पड़ा। लोकेश साहू नाम के नेता ने ग्रुप में आशीष को टोकते हुए लिखा- “आशीष भाई ये च** शब्द डिलीट कर ले कांग्रेस का इज्जत जायेगा, शब्दों का चयन उचित रखो।”* वहीं एक अन्य नेता ने तंज कसते हुए राहुल गांधी का ही नारा लिख दिया- “जिसकी जितनी आबादी उसकी उतनी हिस्सेदारी।” यह वाकया बताता है कि पद के नशे में युवा नेताओं का राजनीतिक स्तर कितना गिर चुका है।

‘फूल छाप कांग्रेसी’ और चड्डी-कार की लड़ाई
वायरल चैट्स में गुटबाजी और व्यक्तिगत खुन्नस भी चरम पर दिखी। एक नेता (सुमित सिंह) ने तंज कसा कि “बीजेपी वाले की गाड़ी में घूम कर फूल छाप कांग्रेसी नेता बन रहे हैं लोग।” इसके जवाब में अध्यक्ष आशीष जायसवाल ने भाषाई मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए लिखा- “भाजपा युवा नेताओं की गाड़ी से लेकर चड्डी तक उपयोग करने वाले बड़ी बड़ी बात कर रहे हैं।” इतना ही नहीं, एनएसयूआई (NSUI) के पूर्व विवादों और पीठ पीछे छुरा घोंपने के दर्द भी इस ग्रुप में छलके। वहीं आरिफ नाम के एक नेता ने तो यहां तक दावा कर दिया कि “इस युवा कांग्रेस चुनाव में कई हमारे BJP के दुश्मन चुनावी प्रक्रिया में शामिल हो गए हैं।”

चंदाखोरी का खुला ‘कबूूलनामा’
चुनाव और राजनीति बिना चंदे के नहीं चलती, यह बात इस ग्रुप में सरेआम स्वीकार की जा रही है। ग्रुप में जब ‘चोर-चंदाखोर’ की बात उठी, तो रवि पी नामक यूजर ने खुलेआम लिखा- “भाई बिना चंदे के राजनीति नहीं चलती, देने वाला कौन है ये नहीं देखता, बस अमाउंट कितना देता है वो देखता है।” पार्टी के ऑफिशियल मंच पर इस तरह की स्वीकारोक्ति विपक्षी दलों (बीजेपी) को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा दे सकती है।

आरिफ vs रितेश: ‘उमेश पटेल’ के नाम का बोलबाला
इस पूरे कीचड़-उछाल ड्रामे के बीच, यूथ कांग्रेस के नए अध्यक्ष पद के लिए जोर-आजमाइश शुरू हो गई है। वर्तमान में शहर अध्यक्ष पद के लिए NSUI बैकग्राउंड से आने वाले आरिफ हुसैन और रितेश तिवारी का नाम सबसे ज्यादा रेस में बताया जा रहा है। मुकाबला मुख्य रूप से इन्हीं दोनों के बीच सिमटता दिख रहा है।

हालांकि, ग्रुप की एक चैट में एक सदस्य ने साफ कर दिया है कि “यहां तो सिर्फ उमेश पटेल जी का ही बोलबाला रहेगा।” यानी रायगढ़ की राजनीति में इस बार भी रिमोट कंट्रोल पूर्व मंत्री और कद्दावर नेता उमेश पटेल के हाथों में ही रहने के संकेत हैं।
बहरहाल, चुनाव जीतने के लिए जो भी नेता जोर लगा रहे हों, लेकिन वोटिंग से पहले ही कांग्रेस के इस ‘व्हाट्सएप वॉर’ ने यह साबित कर दिया है कि नई पौध को अभी राजनीतिक मर्यादा और ‘सोशल जस्टिस’ का ककहरा सीखने की बहुत जरूरत है।



