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तराईमाल में धारदार हथियार लहराकर लोगों को धमकाने वाला सिरफिरा गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल..!

रायगढ़: जिले के तराईमाल औद्योगिक क्षेत्र में उस वक्त सनसनी और दहशत का माहौल बन गया, जब एक सिरफिरा युवक बीच सड़क पर लोहे का धारदार हथियार लहराते हुए राहगीरों को डराने-धमकाने लगा। हालांकि, इससे पहले कि कोई बड़ी अनहोनी होती, पूंजीपथरा पुलिस ने अपनी त्वरित और मुस्तैद कार्रवाई से आरोपी को धर-दबोचा और उसे सीधा सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 9 जून 2026 की है। दोपहर के समय थाना प्रभारी पूंजीपथरा को मुखबिर तंत्र से एक पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि तराईमाल स्थित सिंघल प्लांट के पास एक व्यक्ति हाथ में खतरनाक लोहे का कत्तानुमा हथियार लिए खड़ा है। वह न सिर्फ हथियार को हवा में लहरा रहा है, बल्कि वहां से गुजरने वाले आम लोगों को डरा-धमका कर इलाके में खौफ का माहौल पैदा कर रहा है।

पुलिस की घेराबंदी और एक्शन

​मामले की गंभीरता और संभावित खतरे को भांपते हुए पूंजीपथरा पुलिस की टीम बिना एक पल गंवाए एक्शन मोड में आ गई। टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और खौफ का पर्याय बन रहे इस संदिग्ध व्यक्ति को धर-दबोचा।

​पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी की हेकड़ी गुम हो गई। उसने अपना नाम साकिर अली (45 वर्ष), पिता सफायत मियां बताया। आरोपी मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के थाना बिसम्बरपुर अंतर्गत तिवारी मटिहनिया गांव का रहने वाला है।

आर्म्स एक्ट के तहत भेजा गया जेल

​पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से वह लोहे का धारदार कत्तानुमा हथियार बरामद हुआ, जिससे वह लोगों को धमका रहा था। पुलिस ने हथियार को विधिवत जप्त कर लिया है। सार्वजनिक स्थान पर हथियार लहराने और दहशत फैलाने के इस गंभीर जुर्म में आरोपी साकिर अली के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत मामला दर्ज किया गया। उसे माननीय न्यायालय में रिमांड पर पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

​इस पूरी त्वरित और साहसिक कार्रवाई में पूंजीपथरा थाने के प्रधान आरक्षक गजेन्द्र पैंकरा और आरक्षक सुरेश सिदार की भूमिका बेहद सराहनीय रही।