रायगढ़ (10 जून 2026)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित न्याय के लिए चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने खुद को पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर एक 40 वर्षीय महिला से दुष्कर्म करने, उसकी अंतरंग तस्वीरें व वीडियो चुपके से रिकॉर्ड करने और बाद में उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर ब्लैकमेल करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि वर्दी दिखाकर रौब झाड़ने वाला आरोपी असल में बिलासपुर का एक सिक्योरिटी गार्ड है।
रेलवे स्टेशन पर मुलाकात और ‘खाकी’ का फर्जी खेल
मिली जानकारी के अनुसार, चक्रधरनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने बीते 28 मई 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि मार्च 2026 में वह कोरबा में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। इसी दौरान कोरबा रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात बिलासपुर निवासी अक्षय कुमार कुम्हारानी से हुई। आरोपी अक्षय ने महिला का मोबाइल नंबर ले लिया और खुद को पुलिस विभाग में कार्यरत बताते हुए पुलिस की वर्दी पहने हुए अपनी तस्वीरें साझा कीं। खाकी वर्दी देखकर महिला उसके झांसे में आ गई और दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। आरोपी ने महिला के सामने शादी का प्रस्ताव भी रख दिया।
शादी का झांसा देकर बनाए संबंध, चुपके से बनाया वीडियो
जब आरोपी को पता चला कि महिला अपने गांव में अकेली रहती है, तो उसने उसके घर का रुख किया। आरोपी ने शादी का पक्का भरोसा देकर महिला के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। इस दौरान उसने महिला को भनक तक नहीं लगने दी और अपने मोबाइल से उसकी कई अंतरंग तस्वीरें और वीडियो चुपके से रिकॉर्ड कर लिए।
रायपुर के अस्पताल में दी धमकी, सोशल मीडिया पर किया वायरल
जुल्म की इंतिहा यहीं खत्म नहीं हुई। मई महीने में जब पीड़िता अपनी बीमार मां के इलाज के लिए रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल गई थी, तब आरोपी अक्षय भी वहां पहुंच गया। वह महिला को बहला-फुसलाकर घुमाने ले गया और वहां उसने महिला को उसके अश्लील वीडियो होने की बात कहकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
विरोध करने पर आरोपी ने अंजाम भुगतने की धमकी दी और आखिरकार 27 मई 2026 को उसने सारी हदें पार करते हुए पीड़िता की तस्वीरें इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अपलोड कर दीं। इसके साथ ही वह व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकी भरे अश्लील संदेश भेजकर लगातार ब्लैकमेल करता रहा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम गठित, आरोपी सलाखों के पीछे
महिला संबंधी इस गंभीर अपराध की सूचना मिलते ही रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने मामले को बेहद संजीदगी से लिया। उनके कुशल मार्गदर्शन में चक्रधरनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा और साइबर सेल की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर घेराबंदी कर आरोपी को रायगढ़ से ही दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अक्षय कुमार कुम्हरानी (उम्र 31 वर्ष), पिता संतराम कुम्हरानी, निवासी- वार्ड क्रमांक 02, सड़कपारा डोडकी, थाना मस्तुरी, जिला बिलासपुर (छ.ग.) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया ‘रियलमी सी-3’ मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। आरोपी के खिलाफ चक्रधरनगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, 296, 351(3) और आईटी एक्ट की धारा 66-ई, 67 व 67-ए के तहत मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
सराहनीय भूमिका
इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई में चक्रधरनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक एन. बालचंद राव, जेनिपा पन्ना, आरक्षक विक्रम सिंह, और साइबर सेल के आरक्षक पुष्पेन्द्र जाटवर व मनोज पटनायक की मुख्य और सराहनीय भूमिका रही।



