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Raigarh News: 5 महीने बाद मां के गले लगी 15 साल की बेटी, शादी का झांसा देकर भगाने वाला दरिंदा गिरफ्तार

रायगढ़ (6 जुलाई 2026): एक मां के लिए इससे बड़ा दर्द क्या हो सकता है कि उसकी बच्ची सुबह स्कूल के लिए निकले और फिर लौटकर न आए? लेकिन जब पुलिस का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आता है, तो न्याय की उम्मीद हकीकत में बदल जाती है। रायगढ़ पुलिस के “अभियान संवेदना” के तहत ठीक ऐसा ही देखने को मिला है। कोतरारोड़ पुलिस ने एक मां की पुकार सुनते हुए 15 वर्षीय नाबालिग को बिलासपुर के सीपत से सकुशल बरामद कर लिया है। बेटी को शादी का झांसा देकर भगाने और उसके साथ दरिंदगी करने वाले 27 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

स्कूल के रास्ते से हुई थी लापता: एक मां का सबसे बड़ा डर

​यह खौफनाक वाकया 11 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। एक मां ने कोतरारोड़ थाने में भारी मन से रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 15 साल 11 महीने की बेटी सुबह स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन वहां नहीं पहुंची। शाम को जब स्कूल से फोन आया, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रास्तों से लेकर रिश्तेदारों तक हर जगह तलाश की गई, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। किसी अनहोनी और बेटी के अगवा होने की आशंका से सहमी मां की शिकायत पर कोतरारोड़ पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर [गुम इंसान क्रमांक 10/2026, धारा 137(2) BNS] बेटी की खोजबीन शुरू कर दी।

तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की मुस्तैदी से मिली सफलता

​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में, कोतरारोड़ थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह ने एक विशेष टीम का गठन किया। साइबर सेल और मोबाइल लोकेशन के बारीकी से विश्लेषण के बाद, संदेही सूरज कुमार साहू की लोकेशन बिलासपुर जिले के सीपत इलाके में मिली। टीम ने तुरंत वहां दबिश दी और बालिका को आरोपी के चंगुल से मुक्त कराया। बरामदगी के वक्त जब माता-पिता ने अपनी बेटी को वापस पाया, तो वह पल हर किसी की आंखें नम कर देने वाला था।

महिला अधिकारी के सामने छलका पीड़िता का दर्द

​ऐसे मामलों में पीड़िता मानसिक रूप से बेहद टूटी हुई होती है। इसे समझते हुए पुलिस ने थाने में एक सुरक्षित और संवेदनशील माहौल सुनिश्चित किया। महिला उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त ने बड़े ही धैर्य और अपनत्व के साथ पीड़िता से बात की और उसका बयान दर्ज किया।

​पीड़िता ने जो सच बताया वह दहलाने वाला था— आरोपी सूरज कुमार साहू बच्ची के नाबालिग होने की बात जानता था, इसके बावजूद उसने शादी का झूठा सपना दिखाकर उसे बहला-फुसलाकर अगवा किया और उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। इस खुलासे के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए तुरंत मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87, 65(1) और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धारा 4 व 6 जोड़ दीं।

आरोपी सलाखों के पीछे, टीम की हुई सराहना

​सबूतों के आधार पर पुलिस ने जांजगीर-चांपा निवासी 27 वर्षीय आरोपी सूरज कुमार साहू (पिता हेतराम साहू) के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया गया है।