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उधारी के 5 हजार बने मौत का कारण: कापू पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी.. आरोपी गिरफ्तार..

रायगढ़।   छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुम्हीचुआ में हुए सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। महज 5,000 रुपये की पुरानी उधारी को लेकर उपजे विवाद में एक युवक की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में गांव के ही एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

बाड़ी में मिला था संदिग्ध शव

​बीती 27 अप्रैल 2026 को कुम्हीचुआ निवासी देवव्रत तुरी (30 वर्ष) का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में संदिग्ध अवस्था में मिला था। मृतक के शरीर पर संघर्ष के निशान और गले पर चोट देखकर हत्या की आशंका जताई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब डॉक्टरों ने गला घोंटने और दम घुटने से मौत (होमीसाइडल) की पुष्टि की, तब पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज की।

पैसे के विवाद ने ली जान

​एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी इगेश्वर यादव की टीम ने जब गांव में सघन पूछताछ शुरू की, तो पुलिस को मृतक और आरोपी करमसाय नगेसिया के बीच पुराने आर्थिक विवाद का पता चला। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी करमसाय (42 वर्ष) ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

​आरोपी ने बताया कि 6 साल पहले देवव्रत ने उससे 5,000 रुपये उधार लिए थे। बार-बार मांगने और ब्याज बढ़ने के बावजूद देवव्रत पैसे नहीं लौटा रहा था। इसे लेकर गांव में सामाजिक बैठक भी हुई थी और मार्च के महीने में दोनों परिवारों के बीच मारपीट भी हुई थी।

वारदात की रात क्या हुआ?

​26 अप्रैल की रात करीब 11 बजे आरोपी एक शादी समारोह से लौट रहा था, तभी उसने देवव्रत को उसके घर के पास देखा। पुरानी रंजिश में उसने देवव्रत को दबोच लिया और दोनों हाथों से उसका मुंह और गला तब तक दबाया जब तक उसकी सांसें नहीं थम गईं। साक्ष्य छिपाने की नीयत से उसने शव को घर के पीछे फेंक दिया था।

पुलिस टीम की तत्परता

​एसएसपी रायगढ़ ने इस गुत्थी को सुलझाने वाली टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने अत्यंत पेशेवर तरीके से साक्ष्य जुटाकर आरोपी को दबोचा। उन्होंने जनता से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में न लें।