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हत्या के प्रयास में 2 साल से फरार सन्नी सरदार गिरफ्तार

सह-आरोपी को पहले ही मिल चुकी है 10 साल की सजा, एसएसपी ने दी अपराधियों को सख्त चेतावनी

रायगढ़, 12 जून: जिले में गंभीर अपराधों और फरार अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक चर्चित मामले में लगभग दो साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में से एक, संदीप सिंह उर्फ सन्नी सरदार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

क्या था पूरा मामला?

​यह खौफनाक घटना 7 दिसम्बर 2024 की रात की है। साहिल ठाकुर अपने दोस्तों (अनुज गुप्ता, आकिब खान और संगम देहरी) के साथ पोस्ट ऑफिस के पीछे स्थित जिम के सामने आग ताप रहे थे।

​तभी एक स्विफ्ट डिजायर कार से जसदेव सिंह उर्फ जस्सू, सन्नी सरदार, सोनी पाण्डेय, राज कर्क, अर्जुन पटेल, राजवीर सरदार और उनके अन्य साथी वहां पहुंचे।

  • ​आरोपियों ने अश्लील गालियां देते हुए साहिल ठाकुर पर लोहे की रॉड और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया।
  • ​इस हमले में साहिल के सिर, चेहरे, जबड़े, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। उसका एक दांत टूट गया और जबड़ा अपनी जगह से खिसक गया।
  • ​बीच-बचाव करने आए अमन सिंह ठाकुर को भी लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा गया। आरोपी, साहिल को मृत समझकर मौके से फरार हो गए थे। बाद में साहिल का इलाज रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों से होते हुए रायपुर के बालाजी अस्पताल में चला।

मामले में पुलिस की अब तक की कार्रवाई

​इस घटना के बाद सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 741/2024 के तहत बीएनएस, 2023 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान खून से सने कपड़े, मिट्टी और घटना में प्रयुक्त हथियार व कार बरामद की थी।

  • सह-आरोपियों को सजा: पुलिस की मजबूत पैरवी के चलते इस मामले में पिछले साल 30 अक्टूबर 2025 को न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया था। इसमें आरोपी राज बरेठ को हत्या के प्रयास में 10 साल के सश्रम कारावास और जसवीर सिंह को बलवा के आरोप में 4 साल की सजा सुनाई जा चुकी है।

डर कर काट रहा था फरारी

​अपने साथियों को सजा मिलने के बाद से संदीप सिंह उर्फ सन्नी सरदार (निवासी अमृतसर, पंजाब; हाल मुकाम रेलवे कॉलोनी, रायगढ़) गिरफ्तारी के डर से लगातार फरार चल रहा था। कोतवाली पुलिस ने न्यायालय में उसके खिलाफ फरारी में चालान भी पेश कर दिया था।

​थाना प्रभारी कोतवाली ने मुखबिरों को सक्रिय किया, जिसकी सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया बांस का डंडा भी बरामद कर लिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल, एएसआई गौतम ठाकुर और कोतवाली स्टाफ की अहम भूमिका रही।