इनसाइट केयर फाउंडेशन के राष्ट्रीय आयोजन में मोहा सबका मन; अब अंतरराष्ट्रीय चक्रधर समारोह की कर रही हैं तैयारी
रायगढ़: प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती, और इस बात को सच कर दिखाया है रायगढ़ की एक नन्ही सी बेटी ने। जिंदल स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली डिवीशा शर्मा ने अपनी घुंघरुओं की झंकार और अद्भुत नृत्य कला से न केवल दर्शकों का दिल जीता है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर संस्कारधानी रायगढ़ का नाम भी रोशन किया है।
बिलासपुर के बी.टी.सी. कृषि महाविद्यालय में इनसाइट केयर फाउंडेशन के तत्वावधान में 25 जून से 29 जून तक एक भव्य राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आकर्षक और गरिमामय मंच पर देश भर से आए हजारों बच्चों ने डांस, संगीत, ड्राइंग और पेंटिंग जैसी कलाओं में अपना हुनर दिखाया। इसी मंच पर रायगढ़ की बेटी डिवीशा ने अपनी शानदार प्रस्तुति से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
छोटी सी उम्र में बड़ी उपलब्धियां
डिवीशा के लिए यह कोई पहली जीत नहीं है। इस नन्ही उम्र में ही वह रायपुर, भिलाई, राजनांदगांव, कोटा और बनारस जैसे शहरों में अपनी नृत्य कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कई प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम कर चुकी हैं। वर्तमान में, डिवीशा एम.जी. रोड स्थित ‘अयात नृत्य एकेडमी’ में अपनी गुरु तब्बू परवीन के कुशल निर्देशन में कथक नृत्य की बारीकियां सीख रही हैं। उनकी लगन और मेहनत का ही नतीजा है कि अब यह नन्ही प्रतिभा आगामी अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित ‘चक्रधर समारोह’ में अपनी प्रस्तुति देने के लिए जोर-शोर से तैयारियां कर रही है।
कला और संस्कृति से जुड़ा है परिवार
डिवीशा की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट विश्वास और प्रोत्साहन है। वह स्वर्गीय अश्वनी कुमार और गीता देवी शर्मा की पड़पोती हैं। उनके दादा ‘टूटी कलम’ के संपादक टिल्लू शर्मा और दादी पिंकी शर्मा हैं। ‘कल्पना कार श्रृंगार’ के संचालक कुलदीपक शर्मा और काव्या शर्मा की इस लाडली बिटिया ने आज पूरे परिवार का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।
बधाइयों का लगा तांता
बेटी की इस शानदार कामयाबी पर शर्मा परिवार में खुशी और उत्साह का माहौल है। नन्ही डिवीशा के इस मुकाम को हासिल करने पर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और शहरवासियों की ओर से लगातार बधाइयां मिल रही हैं। फोन पर शुभकामनाओं का सिलसिला अनवरत जारी है।



