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रायगढ़ के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: एमआईसी ने दी 70 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, पेयजल पर सबसे बड़ा फोकस

रायगढ़, 10 जून। शहर की सूरत बदलने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को महापौर जीवर्धन चौहान की अध्यक्षता में हुई मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) की अहम बैठक में करीब 70 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर मुहर लगा दी गई। इन फैसलों में सबसे ज्यादा जोर शहर की पेयजल व्यवस्था, सड़क, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर दिया गया है।

पानी की समस्या का होगा स्थायी समाधान

गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत से जूझने वाले इलाकों के लिए इस बैठक से बड़ी राहत निकलकर आई है। एमआईसी ने अकेले पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए 62.68 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है। इस राशि से शहर में पाइपलाइन का विस्तार, इंटरलिंकिंग, नए बोर और पंप की स्थापना के साथ-साथ नई पानी टंकियों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) की क्षमता बढ़ाने और नए जल कनेक्शन देने का रास्ता भी साफ हो गया है।

मरीन ड्राइव, टाउन हॉल और सौंदर्यीकरण पर फोकस

शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए कई अहम प्रस्ताव पास किए गए हैं:

  • पाइपलाइन शिफ्टिंग: प्रगति नगर और मरीन ड्राइव इलाके में सड़क निर्माण के कारण प्रभावित हो रही पेयजल पाइपलाइन को शिफ्ट करने, स्टील ब्रिज बनाने और पाइपलाइन विस्तार के लिए 2.79 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • गार्डन और इंटेकवेल: वार्ड 19 स्थित टाउन हॉल गार्डन को नया रूप देने के लिए 89.70 लाख रुपये और 17 एमएलडी इंटेकवेल के विकास के लिए 1.42 करोड़ रुपये के प्राक्कलन को हरी झंडी दी गई है।
  • हाईटेक साइन बोर्ड: अंबेडकर चौक से सहस्त्रबाहु चौक तक लगे ओवरहेड साइन बोर्ड्स को अब आधुनिक लुक दिया जाएगा। इसके लिए स्ट्रीट लाइट पोल के रंग-रोगन से बची हुई राशि का इस्तेमाल होगा।

वार्डों में छोटे काम अब नहीं रुकेंगे

महापौर और पार्षद निधि से होने वाले छोटे लेकिन जरूरी जनहित के कामों में अक्सर टेंडर प्रक्रिया के कारण देरी होती थी। इसे दूर करने के लिए एमआईसी ने 50 लाख रुपये तक की वार्षिक निविदा (एनुअल टेंडर) बुलाने का अहम फैसला लिया है। इससे वार्डों में तुरंत होने वाले काम तेजी से पूरे हो सकेंगे।

​इसके साथ ही शहर के 48 वार्डों में घर-घर कचरा उठाने की व्यवस्था (एसएलआरएम मॉडल) की बेहतर निगरानी के लिए दो नए पिकअप वाहन खरीदने को भी मंजूरी दी गई है। वहीं, कुछ नाली निर्माण कार्यों की जगह में स्थानीय जरूरत के हिसाब से बदलाव किया गया है।

भविष्य के रायगढ़ की तैयारी

बैठक के बाद महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि निगम का मुख्य लक्ष्य रायगढ़ को एक व्यवस्थित, आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त शहर बनाना है। इन बड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए हमारी कोशिश है कि शहर के हर वार्ड तक मूलभूत सुविधाएं बिना किसी परेशानी के पहुंचें।

​वहीं, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने स्पष्ट किया कि एमआईसी में पास किए गए ये प्रस्ताव सिर्फ आज की नहीं, बल्कि शहर की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। निगम प्रशासन पूरी सख्ती बरतेगा कि ये सभी स्वीकृत कार्य तय समय सीमा और पूरी गुणवत्ता के साथ जमीन पर उतरें।

​इस महत्वपूर्ण बैठक में एमआईसी सदस्य सुरेश गोयल, पंकज कंकरवाल, अशोक यादव, पूनम सोलंकी, मुक्तिनाथ बबुआ, त्रिवेणी डहरे, आनंद भगत और निगम के तमाम विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।