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फिल्मी स्टाइल में दो स्कॉर्पियो से आए बदमाशों ने लैलूंगा से जिस युवक को किया था किडनैप, रायगढ़ पुलिस ने 24 घंटे में रांची में दबिश देकर उसे सकुशल छुड़ाया, 3 आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 12 मई । फिल्मी स्टाइल में दो स्कॉर्पियो से आए बदमाशों द्वारा लैलूंगा से एक युवक के अपहरण के मामले में रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर झारखंड के रांची में दबिश देकर अपहृत युवक को सकुशल छुड़ा लिया है। व्यापारिक लेनदेन के विवाद में इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल दोनों गाड़ियां भी जब्त कर ली गई हैं।

दिनदहाड़े घर में घुसकर किया किडनैप

घटना की शुरुआत 10 मई 2026 की दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। लैलूंगा थाना क्षेत्र के मुड़ागांव (रामनाथपुर) निवासी 55 वर्षीय शिवप्रसाद बंजारा के घर दो स्कॉर्पियो गाड़ियां (नंबर- CG 14 MU 1197 और JH 01 DV 6413) आकर रुकीं। इनमें झारखंड के रांची से आए पवन साहू और उसके दो साथी सवार थे। आरोपियों ने घर में जबरन घुसकर शिवप्रसाद के 26 वर्षीय बेटे रवि नारायण बंजारा के साथ मारपीट शुरू कर दी। उस वक्त घर में रवि और उसकी मां ही मौजूद थे। बदहवास परिजन कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आरोपी रवि को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर फरार हो गए।

12 लाख का था पुराना विवाद

अगले दिन 11 मई को प्रार्थी शिवप्रसाद ने लैलूंगा थाने पहुंचकर इस खौफनाक वारदात की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि अपहृत युवक रवि और मुख्य आरोपी पवन साहू के बीच धान खरीदी-बिक्री का पुराना व्यापारिक संबंध था। आरोपियों का दावा था कि रवि पर उनके 12 लाख रुपये बकाया हैं। इसी रकम की वसूली के लिए उन्होंने अपहरण का यह खौफनाक रास्ता चुना।

बिना समय गंवाए रांची पहुंची पुलिस टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए लैलूंगा थाना प्रभारी ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के कड़े निर्देशों के बाद अपहरण का मामला दर्ज कर एक विशेष टीम का गठन किया गया। बिना एक पल गंवाए, पुलिस टीम ने आरोपियों का पीछा करते हुए सीधे झारखंड के रांची में दबिश दी। पुलिस की इस तत्परता ने आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया और अपहृत रवि को उनके चंगुल से सुरक्षित निकाल लिया गया।

“अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा”

इस शानदार कामयाबी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, “किसी भी व्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा। लैलूंगा पुलिस ने त्वरित और शानदार कार्रवाई कर इस गंभीर मामले का पटाक्षेप किया है।”

सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी

पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। लैलूंगा पुलिस ने अपराध क्रमांक 156/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(2) और 3(5) में मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:

  1. पवन साहू (30 वर्ष), पिता बलीराम, निवासी- बोकोंदा, थाना लापुंग, जिला रांची (झारखंड)
  2. विष्णु साहू (22 वर्ष), पिता बलीराम, निवासी- बोकोंदा, थाना लापुंग, जिला रांची (झारखंड)
  3. नरेंद्र साहू (27 वर्ष), पिता रमेश साहू, निवासी- डिम्बा, थाना लापुंग, जिला रांची (झारखंड)

इनकी रही सराहनीय भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन की लगातार मॉनिटरिंग एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी (धरमजयगढ़)  सिद्धांत तिवारी कर रहे थे। वहीं ग्राउंड पर इस कार्रवाई को सफल बनाने में लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, उप निरीक्षक चन्द्र कुमार सिंगार, प्रधान आरक्षक एडमोन खेस, आरक्षक संतराम केंवट, राजू तिग्गा और गोविंद बनर्जी की भूमिका बेहद सराहनीय रही।