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अपराध नियंत्रण पर रायगढ़ पुलिस का कड़ा प्रहार: जिले भर में ‘लाइव एक्शन’ मेगा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन

रायगढ़, 15 मई: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में लूट, चेन स्नैचिंग और संपत्ति संबंधी अन्य अपराधों पर लगाम कसने और पुलिस महकमे की मुस्तैदी परखने के लिए आज एक वृहद ‘लाइव मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया गया। रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले के तीनों सब-डिवीजन— रायगढ़, खरसिया और धरमजयगढ़ में एक साथ यह रणनीतिक अभ्यास किया गया। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपराधिक घटना के बाद पुलिस के रिस्पांस टाइम और नाकेबंदी व्यवस्था का रियल-टाइम टेस्ट करना था।

​वरिष्ठ अधिकारियों ने अंडरकवर होकर परखी व्यवस्था

इस मॉक ड्रिल की सबसे खास बात यह रही कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडीशनल एसपी)  अनिल सोनी, एसडीओपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी स्वयं आम नागरिक की तरह सड़कों पर उतरे। इन्होंने अंडरकवर ऑब्जर्वर बनकर मौके पर पहुंच रहे पुलिसकर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया, नाकेबंदी की सख्ती और संदिग्धों की धरपकड़ की रणनीतियों का बारीकी से निरीक्षण किया।

​तीन प्रमुख क्षेत्रों में कैसा रहा पुलिस का एक्शन?

  • रायगढ़ शहर: कंट्रोल रूम से अचानक सूचना प्रसारित हुई कि सिविल लाइन रोड पर एक महिला से चेन स्नैचिंग हुई है और रेलवे स्टेशन के पास एक बैग लूटा गया है। सूचना मिलते ही कोतवाली और चक्रधरनगर पुलिस ने पूरे शहर में सघन नाकेबंदी कर दी। शहर का भ्रमण कर ओडिशा रोड की ओर भागने का प्रयास कर रहे डमी अपराधियों को चक्रधरनगर पुलिस ने पहाड़ मंदिर के पास सफलतापूर्वक घेर कर दबोच लिया।
  • खरसिया सब-डिवीजन: दोपहर करीब 12 बजे लूटपाट की डमी सूचना जारी की गई। एसडीओपी श्री प्रभात पटेल के नेतृत्व में मात्र 30 से 40 मिनट के भीतर पुलिस ने रायगढ़ चौक और मदनपुर चौक पर घेराबंदी कर तीन में से दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।
  • धरमजयगढ़ सब-डिवीजन: दशहरा मैदान में युवती से चेन स्नैचिंग कर कापू रोड की तरफ भाग रहे दो बाइक सवार डमी आरोपियों की सूचना फ्लैश की गई। एसडीओपी श्री सिद्दांत तिवारी की अगुवाई में पुलिस टीम ने तत्काल एक्शन लेते हुए कापू रोड पर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।

​भविष्य के लिए कड़ा संदेश

​रायगढ़ पुलिस ने इस मॉक ड्रिल के माध्यम से अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में अपराध करने के बाद भाग निकलना अब नामुमकिन है। तकनीकी समन्वय और बेसिक पुलिसिंग को हथियार बनाकर पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

एसएसपी का बयान:

“अपराध के बाद पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और नाकेबंदी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समय-समय पर इस प्रकार की मॉक ड्रिल कराई जाती है। जहां सुधार की आवश्यकता होती है, वहां आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जाता है। आज की मॉक ड्रिल में हमारे अधिकारी और जवान प्रभावी रिस्पॉन्स के साथ पूरी तरह सफल साबित हुए हैं।”

– शशि मोहन सिंह, एसएसपी, रायगढ़