रायगढ़, 12 मई । जिले की सड़कों पर रफ्तार के कहर और लगातार हो रहे जानलेवा हादसों पर लगाम कसने के लिए रायगढ़ पुलिस ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अब तक सड़क दुर्घटनाओं में अमूमन ‘लापरवाही’ (उपेक्षापूर्ण मृत्यु) की सामान्य धाराएं लगाकर कार्रवाई की जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पुसौर थाना क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत के मामले में पुलिस ने एक बड़ी नजीर पेश की है। बिना वैध लाइसेंस के ट्रक दौड़ाकर दो जिंदगियां लीलने वाले आरोपी ड्राइवर को पुलिस ने ‘आपराधिक मानव वध’ (गैर-इरादतन हत्या) की गंभीर धारा में गिरफ्तार कर सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाकर निर्दोषों की जान लेने वालों के प्रति रायगढ़ पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) नीति रहेगी।
क्या है पूरा मामला?
रविवार, 10 मई की दोपहर पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम तेतला अस्पताल के पास, चंद्रपुर-सारंगढ़ मुख्य मार्ग पर एक खौफनाक हादसा हुआ। चंद्रपुर की ओर से आ रहे ट्रक (CG 13 LA 1157) के चालक ने अंधाधुंध गति और घोर लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल (CG 11 BQ 4930) को जोरदार टक्कर मार दी।
इस भीषण भिड़ंत में बाइक सवार दो युवकों— महेश निषाद (25 वर्ष) और सोनू माली (25 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम कांशीडीह, थाना चंद्रपुर, जिला सक्ती— सड़क पर छिटक कर गिर पड़े। सिर और पैरों में आई गंभीर चोटों के कारण दोनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआत में मृतक महेश के भाई चंद्रमणी निषाद की रिपोर्ट पर पुसौर पुलिस ने अपराध क्रमांक 128/2026 दर्ज कर धारा 106(1) बीएनएस के तहत मामला विवेचना में लिया था।
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
मामले की गंभीरता को भांपते हुए नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पुसौर, निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस ने घटनास्थल की बारीक जांच की। पुलिस टीम ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान दर्ज किए और सड़क पर बने टायर के स्किड मार्क जैसे भौतिक साक्ष्य जुटाए।
जांच के दौरान जब ट्रक मालिक नसीर अहमद (58 वर्ष, निवासी फटहामुड़ा जूटमिल) से पूछताछ हुई, तो एक बेहद ही गैर-जिम्मेदाराना सच सामने आया। पता चला कि हादसे के वक्त ट्रक उसका 27 वर्षीय बेटा वजीम खान चला रहा था। सबसे बड़ी बात यह थी कि वजीम के पास भारी वाहन चलाने का कोई वैध ड्राइविंग लाइसेंस था ही नहीं। पिता के मना करने के बावजूद वह जबरन ट्रक लेकर व्यस्त नेशनल हाईवे पर निकल पड़ा था और अंततः दो निर्दोषों की जान ले ली।
ऐसे जुड़ी ‘गैर-इरादतन हत्या’ की गंभीर धारा
पुलिस की विवेचना में यह साफ हो गया कि बिना किसी ट्रेनिंग, लाइसेंस और कानूनी अनुमति के हाईवे पर भारी मालवाहक दौड़ाना महज ‘लापरवाही’ नहीं है। आरोपी वजीम खान को इस बात का पूरा ज्ञान था कि उसकी इस हरकत से किसी की जान जा सकती है।
इन्हीं पुख्ता सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में धारा 106(1) बीएनएस को हटाकर सीधे आपराधिक मानव वध की गंभीर धारा 105 बीएनएस जोड़ दी। आरोपी वजीम खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
आगे के लिए रायगढ़ पुलिस की साफ चेतावनी
पुलिस ने इस मामले के जरिए पूरे जिले के वाहन चालकों और मालिकों को कड़ा संदेश दिया है। भविष्य में यदि कोई भी चालक बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाते हुए गंभीर दुर्घटना और जनहानि करेगा, तो उसके खिलाफ रियायत नहीं बरती जाएगी, बल्कि विधि अनुसार गैर-इरादतन हत्या जैसी कठोर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।



