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अपराधियों पर काल बनकर टूटी रायगढ़ पुलिस! शोभायात्रा में बवाल करने वाले तीन फरार आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 06 जून 2026।  रायगढ़ जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले और संगीन अपराधों को अंजाम देकर फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अपनी मुहिम तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के कड़े दिशा-निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत थाना कोतवाली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने शहर के एक चर्चित मारपीट मामले में महीनों से फरार चल रहे तीन मुख्य आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

क्या था पूरा मामला?

​पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बैकुण्ठपुर महावीर चौक निवासी वैभव ठाकुर (23 वर्ष), जो साउंड एंड लाइट व्यवसाय का संचालन करता है, ने बीते 28 मार्च 2026 को थाना कोतवाली में इस हिंसक वारदात की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

​प्रार्थी वैभव ने बताया था कि 27 मार्च 2026 को शहर में आयोजित श्रीरामनवमी शोभायात्रा के दौरान गैलेक्सी मॉल के पास कुछ असामाजिक तत्वों के बीच विवाद हो रहा था। एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाते हुए वैभव ने वहां बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। लेकिन यही बीच-बचाव करना उपद्रवियों को नागवार गुजरा।

​शोभायात्रा संपन्न होने के बाद, देर रात जब वैभव दशरथ पान ठेला के पास अपने साउंड सिस्टम का सामान समेटकर खड़ा था, तभी आरोपी शुभम भाठिया, विश्वास बैरागी, राकेश उर्फ गोलु महंत और सुनील दास महंत वहां योजनाबद्ध तरीके से आ धमके। आरोपियों ने बीच-बचाव करने की पुरानी रंजिश को लेकर वैभव के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी दी।

स्टील के कड़े से किया था हमला, आईं गंभीर चोटें

​विवाद इस कदर बढ़ा कि आरोपी सतवेंदर सिंह उर्फ शुभम भाठिया ने अपने हाथ में पहने भारी स्टील के कड़े से वैभव पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वहीं, उसके अन्य साथियों ने प्रार्थी को जमीन पर गिराकर लात-मुक्कों से बेदम पीटा। इस कायरतापूर्ण हमले में प्रार्थी वैभव की नाक, कंधे और हाथ में गंभीर चोटें आई थीं।

​घटना के तुरंत बाद कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपराध क्रमांक 167/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 115(2), 118(1), और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। प्रार्थी के चिकित्सीय परीक्षण (Medical Exam) के बाद चोटों की गंभीरता को देखते हुए मामले में अन्य आवश्यक कानूनी धाराएं भी जोड़ी गईं।

पुलिस की घेराबंदी और ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ की सफलता

​वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। कोतवाली पुलिस लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी क्रम में, 4 जून 2026 को पुलिस ने सबसे पहले एक आरोपी विश्वास बैरागी को धरदबोचा। कड़ाई से की गई पूछताछ में विश्वास ने जुर्म कबूल करते हुए अपने फरार साथियों के सुराग उगले।

​विवेचना टीम ने मिले इनपुट के आधार पर तत्काल जाल बिछाया और बीते कल (5 जून) को घटना में शामिल अन्य तीन फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:

  1. सतवेंदर सिंह उर्फ शुभम भाठिया (28 वर्ष) – निवासी: कोष्टापारा, कोतरारोड, रायगढ़।
  2. राकेश उर्फ गोलु महंत (25 वर्ष) – निवासी: सोनियानगर, कोतरारोड, रायगढ़।
  3. सुनील दास महंत (27 वर्ष) – निवासी: सोनियानगर, कोतरारोड, रायगढ़।

​पुलिसिया पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। मुख्य आरोपी सतवेंदर सिंह उर्फ शुभम भाठिया की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया स्टील का कड़ा भी बरामद कर जप्त कर लिया है।