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Raigarh News : IPL सट्टे के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: 32 लाख कैश और नोट गिनने की मशीन जब्त, गगन और शुभम अग्रवाल गिरफ्तार..

रायगढ़, 01 जून 2026। रायगढ़ जिले में जुआ और सट्टे के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावशाली कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। पुलिस ने खरसिया में आईपीएल फाइनल (GT Vs RCB) मैच पर करोड़ों का दांव लगवाने वाले एक हाई-प्रोफाइल सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना और खरसिया चौकी की संयुक्त रेड में दो बड़े सटोरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके पास से 31 लाख 99 हजार 700 रुपये का भारी-भरकम कैश, दो मोबाइल और नोट गिनने की मशीन बरामद हुई है।

ऐसे बिछाया पुलिस ने जाल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों पर जिले में सटोरियों की कमर तोड़ी जा रही है। इसी कड़ी में मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि खरसिया के गंज बाजार इलाके में कुछ लोग आईपीएल फाइनल को लेकर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। इस भनक के लगते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम बनाई गई। खरसिया चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में साइबर और पुलिस टीम ने गंज बाजार में अचूक दबिश दी।

पूछताछ में खुले सिंडिकेट के राज

इस रेड में पुलिस ने मौके से गगन अग्रवाल और शुभम अग्रवाल को दबोच लिया। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो दोनों ने अपना जुर्म कबूल लिया और चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे रिकेश राय, अर्जुन राठौर और साहिल अग्रवाल के साथ मिलकर पूरा सट्टा सिंडिकेट चला रहे हैं। सबसे अहम बात यह सामने आई कि साहिल अग्रवाल सट्टे की इस काली कमाई को अपने बिजनेस में खपाकर मोटा कमीशन कमाता था (मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका)। आरोपियों के पास से जब्त वनप्लस नॉर्ड और सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल खंगालने पर सट्टेबाजी की कई आईडी और अहम तकनीकी सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं।

पुलिस को देख कैश और मशीन छोड़ भागा आरोपी

इन सटोरियों की निशानदेही पर पुलिस की टीम तुरंत एसबीआई बैंक के पीछे स्थित गोपाल राइस मिल कॉलोनी में साहिल अग्रवाल के घर पहुंची। लेकिन पुलिस की गाड़ी देखते ही साहिल के होश उड़ गए और वह दो बड़े बैग और नोट गिनने की मशीन वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके पिता मुकेश अग्रवाल और गवाहों की मौजूदगी में जब उन बैगों को खोला, तो अंदर 500, 200, 100 और 50 के नोटों की गड्डियां भरी पड़ी थीं। मशीन से गिनती करने पर यह रकम पूरे 31 लाख 99 हजार 700 रुपये निकली। इस रकम का कोई वैध हिसाब नहीं मिलने पर पुलिस ने इसे तुरंत जब्त कर लिया।

संगठित अपराध की धाराओं में केस दर्ज

पुलिस ने इस संगठित गिरोह के सभी पांचों सदस्यों— गगन, शुभम, साहिल, रिकेश और अर्जुन— के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) एवं 3(5) के तहत गंभीर मामला दर्ज किया है। फरार तीनों आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

बता दें कि गिरफ्तार आरोपी गगन अग्रवाल आदतन अपराधी है। इसी साल मार्च में भी चक्रधरनगर थाना इलाके में ऑनलाइन सट्टे के एक मामले में उस पर कार्रवाई हो चुकी है।