रायगढ़ | बकाया टैक्स वसूली को लेकर नगर पालिक निगम रायगढ़ ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। बुधवार को निगम प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जूटमिल पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया और शहर के एक प्रमुख पेट्रोल पंप सहित पांच व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। निगम की इस औचक कार्रवाई से बड़े बकायेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
26 लाख के बकाया पर जूटमिल पर कार्रवाई
नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय के कड़े रुख के बाद बुधवार सुबह राजस्व, अतिक्रमण, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम जूटमिल पहुंची। यहां लंबे समय से 26,38,418 रुपये का संपत्ति कर बकाया होने के कारण फैक्ट्री परिसर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया।
सीलिंग की जद में आए पेट्रोल पंप और शोरूम
दोपहर को निगम का दस्ता शहर के अन्य बड़े बकायेदारों की सूची लेकर निकला। टीम ने गोरखा पतरापाली चौक स्थित सुनील गर्ग के पेट्रोल पंप को सील कर दिया। बताया जा रहा है कि वर्ष 2013 से इस संस्थान पर 11.68 लाख रुपये का कर बकाया था। इसके अतिरिक्त अन्य चार प्रमुख संस्थानों पर भी ताले लटकाए गए:
- मुन्ना (भगवानपुर): 1.40 लाख से अधिक बकाया।
- गौरंग सिंह सिदार: 2.32 लाख से अधिक बकाया।
- अब्दुल सत्तार (चक्रधर नगर): 2.27 लाख रुपये का टैक्स पेंडिंग।
- नंदू सतनामी (बाजीराव पारा): टैक्स भुगतान न करने पर संस्थान सील।
आयुक्त की चेतावनी: “सूची लंबी है, कार्रवाई जारी रहेगी”
निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि बार-बार नोटिस देने के बावजूद जो लोग संपत्ति कर, जलकर और यूजर चार्ज जमा नहीं कर रहे हैं, उनकी सूची तैयार कर ली गई है।
”राजस्व वसूली के लिए हमारी टीमें अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खोल रही हैं। नागरिक असुविधा से बचने के लिए तुरंत टैक्स जमा करें, अन्यथा कुर्की और सीलिंग की विधिक प्रक्रिया और तेज की जाएगी।”
— बृजेश सिंह क्षत्रिय, आयुक्त, नगर निगम रायगढ़


