रायगढ़। नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण में हो रही देरी पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। बीएलसी घटक के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक लेते हुए आयुक्त ने अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया है कि जिन 104 आवासों का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर हर हाल में प्रारंभ कराया जाए।
समीक्षा बैठक के दौरान योजना के तहत स्वीकृत मकानों की वर्तमान स्थिति, निर्माण की प्रगति, जियोटैगिंग और हितग्राहियों को दी जाने वाली राशि के भुगतान जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बिंदुवार चर्चा की गई।
340 में से 104 आवास अब भी अप्रारंभ
बैठक में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, नगर निगम क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 340 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से:
- फाउंडेशन स्तर पर: 188 आवास
- लेंटर स्तर पर: 31 आवास
- रूफ (छत) स्तर पर: 14 आवास
- पूर्ण हो चुके: 03 आवास
वहीं, समीक्षा के दौरान 104 आवास ऐसे पाए गए जिनका निर्माण कार्य धरातल पर अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है। इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने संबंधित अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को फटकार लगाई और एक हफ्ते के भीतर काम शुरू कराने के निर्देश दिए।

“लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी”
“प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण और सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ी कल्याणकारी योजना है। इसके जरिए जरूरतमंद परिवारों को उनके हक का पक्का मकान दिया जा रहा है। इसके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
– बृजेश सिंह क्षत्रिय, निगम आयुक्त
घर-घर जाकर संवाद करें कर्मचारी, तय होगी जिम्मेदारी
आयुक्त ने कार्यपालन अभियंता अमरेश लोहिया को निर्देशित किया कि हर एक पात्र हितग्राही को समय पर योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए कि वे उन 104 हितग्राहियों के घर-घर जाकर सीधे संवाद करें जिनका काम रुका हुआ है, और उनकी समस्याओं को दूर करते हुए तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराएं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए कार्यों की समीक्षा होगी।
जियोटैगिंग होते ही तुरंत करें भुगतान
हितग्राहियों को आ रही आर्थिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए आयुक्त क्षत्रिय ने निर्देश दिए कि जिन आवासों की जियोटैगिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनका भुगतान बिना किसी देरी के तत्काल जारी किया जाए। भुगतान समय पर होने से निर्माण कार्य में तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की हिदायत दी।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के नोडल अधिकारी ए.के. लोहिया सहित निगम के लिपिक, सीएलटीसी एवं पीएमसी के प्रतिनिधि और विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।



