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रायगढ़ : कृष्ण प्राइड टावर में चल रहा था करोड़ों का ‘सट्टा-हवाला’ सिंडिकेट: मास्टरमाइंड ‘करन चौधरी’ समेत 3 गिरफ्तार,  पुलिस ने जब्त किए 1 करोड़ से अधिक कैश

रायगढ़ । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में संगठित अपराध और अवैध वित्तीय साम्राज्य के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। रायगढ़ पुलिस ने न केवल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के एक विशाल नेटवर्क को ध्वस्त किया है, बल्कि सट्टे की काली कमाई को ‘हवाला’ के जरिए वैध बनाने (Money Laundering) वाले संगठित गिरोह का भी पर्दाफाश किया है। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की नगदी सहित नोट गिनने की मशीन और अहम साक्ष्य बरामद किए हैं।

मुख्य झलकियां:

  • हवाला कनेक्शन: सट्टे की काली कमाई को व्हाइट करने वाला करन चौधरी का नेटवर्क हुआ ध्वस्त।
  • भारी बरामदगी: 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नगद, नोट गिनने की मशीन और 4 मोबाइल बरामद।
  • संगठित अपराध: आरोपियों पर जुआ प्रतिषेध अधिनियम के साथ-साथ ‘संगठित अपराध’ की धाराओं के तहत एक्शन।
  • पुलिस की घेराबंदी: साइबर थाना, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त और रणनीतिक कार्रवाई।

क्या है पूरा मामला? कैसे खुला सट्टे का ‘ब्लैक बॉक्स’

​इस बड़ी सफलता की नींव 26 अप्रैल को पड़ी थी, जब साइबर सेल और कोतवाली पुलिस ने शहर और घरघोड़ा में दबिश देकर सोनू देवांगन, हर्षित देवांगन सहित 6 गुर्गों को गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जांच में केवल मोबाइल और मामूली नगदी मिली थी, लेकिन जब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल खंगाले और ‘डिजिटल ट्रेल’ का विश्लेषण किया, तो एक भयानक सच सामने आया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क केवल सट्टेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे रायगढ़ के बड़े खाईवाल करन चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार का दिमाग काम कर रहा है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जब पुलिस ने कॉल डिटेल और यूपीआई ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की, तो करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन की कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं।

पेट्रोल पंप और मेडिकल स्टोर के जरिए ‘मनी लॉन्ड्रिंग’

​पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी करन चौधरी सट्टे से प्राप्त भारी रकम को सीधे अपने पास रखने के बजाय सुरक्षित ठिकानों पर डंप करता था। वह परिचित कारोबारियों, पेट्रोल पंपों और मेडिकल स्टोर के माध्यम से कैश को रोटेट करता था। इसके बाद इस काली कमाई को हवाला चैनलों के जरिए दिल्ली और अन्य शहरों में भेजा जाता था।

​इस नेटवर्क में पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील अग्रवाल की भूमिका सबसे अहम पाई गई। ये दोनों कृष्ण प्राइड टावर स्थित अपने फ्लैट से सट्टे की रकम को ठिकाने लगाने और उसे ‘व्हाइट’ करने का काम कर रहे थे। पुलिस ने जब इनके ठिकाने पर छापेमारी की, तो वहां से 1 करोड़ रुपये से अधिक का कैश और नोट गिनने की मशीन बरामद हुई, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

आरोपी करन चौधरी: सट्टे से लेकर अपहरण तक का लंबा इतिहास

मुख्य आरोपी करन चौधरी कोई साधारण अपराधी नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर पहले से ही कोतवाली और चक्रधरनगर थाने में जुआ, सट्टा, मारपीट, रंगदारी, अपहरण और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। इसी को देखते हुए पुलिस ने इस बार आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (संगठित अपराध) के तहत कार्रवाई की है।

फरार आरोपी ‘गुड्डा सरदार’ की तलाश तेज

पुलिस के अनुसार, फरार आरोपी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार इस सिंडिकेट की सबसे अहम कड़ी है। वह करन के साथ मिलकर सक्ती, खरसिया, रायगढ़ और रायपुर में सट्टे का जाल फैलाए हुए था। पुलिस का दावा है कि गुड्डा सरदार की गिरफ्तारी के बाद कई और बड़े सफेदपोश चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं।

कार्रवाई का विवरण:

इस सफल ऑपरेशन में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंम मिश्रा, डीएसपी साइबर उन्नति ठाकुर और साइबर सेल प्रभारी विजय चेलक सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

गिरफ्तार आरोपी:

  1. करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल (29 वर्ष), निवासी श्याम नगर, ढिमरापुर।
  2. पुष्कर अग्रवाल (26 वर्ष), निवासी कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़।
  3. सुनील कुमार अग्रवाल (58 वर्ष), निवासी कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़।

बरामदगी:

  • ​कुल नगद: ₹1,02,81,300
  • ​उपकरण: नोट गिनने की मशीन, 4 स्मार्टफोन।
  • ​कुल जब्त संपत्ति: ₹1,03,86,300