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रायगढ़: ‘कलेक्टर ऑफिस में नौकरी’ का झांसा देकर 3.38 लाख की ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने वाला शातिर जशपुर से गिरफ्तार

रायगढ़, 9 मई: सरकारी नौकरी की चाहत में बेरोजगार युवा किस तरह जालसाजों का शिकार हो रहे हैं, इसका एक सनसनीखेज मामला रायगढ़ जिले में सामने आया है। सारंगढ़ कलेक्ट्रोरेट में संविदा पर कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने का सब्जबाग दिखाकर एक शातिर ठग ने 27 वर्षीय युवती से 3 लाख 38 हजार रुपये से ज्यादा की रकम ऐंठ ली। महीनों तक टालमटोल करने के बाद जब आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया, तब जाकर इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतरारोड़ पुलिस ने आरोपी को जशपुर से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

कैसे बुना गया ठगी का जाल?

ग्राम कोतरा की रहने वाली पीड़िता कुमारी पदिमनी यादव ने 3 अप्रैल को कोतरारोड़ थाने में अपनी आपबीती दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि उसकी भतीजी के जरिए उसकी पहचान हरीश मिश्रा नाम के युवक से हुई थी। हरीश ने उसे सारंगढ़ कलेक्ट्रोरेट में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर पक्की नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। उसकी मीठी बातों में आकर पीड़िता ने 9 फरवरी 2026 से 22 मार्च 2026 के बीच नकद और फोन-पे के जरिए कुल 3,38,500 रुपये आरोपी को दे दिए।

फर्जी लेटर पैड से खुला राज

लाखों रुपये लेने के बाद जब कई हफ्तों तक नौकरी नहीं लगी, तो पदिमनी ने दबाव बनाना शुरू किया। खुद को घिरता देख आरोपी ने “कॉल मी सर्विसेस” नाम की एक संस्था का फर्जी नियुक्ति पत्र पीड़िता को थमा दिया। इस पत्र को लेकर जब पीड़िता रायगढ़ कलेक्ट्रोरेट पहुंची और दस्तावेजों की जांच कराई, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अधिकारियों ने साफ कर दिया कि यह नियुक्ति पत्र पूरी तरह से फर्जी है।

जशपुर में छिपा था शातिर, पुलिस ने की घेराबंदी

शिकायत मिलते ही कोतरारोड़ पुलिस ने एक्शन लिया और आरोपी हरीश मिश्रा के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के कड़े निर्देशों के बाद प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी और थाना प्रभारी की टीम ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया था, लेकिन मुखबिर तंत्र की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने उसे जशपुर में धर दबोचा।

​पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा वह खर्च कर चुका है। उसने अपने ही साइबर कैफे से यह फर्जी लेटर तैयार कर पीड़िता को भेजा था। पुलिस ने उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल और बचे हुए 900 रुपये नकद जब्त कर लिए हैं।

श्रम विभाग का पूर्व कर्मचारी है आरोपी

पुलिस की तफ्तीश में यह भी सामने आया है कि 31 वर्षीय आरोपी हरीश मिश्रा (निवासी बैकुण्ठपुर, थाना कोतवाली) पहले रायगढ़ के श्रम विभाग में भृत्य (चपरासी) के पद पर काम कर चुका है। विभाग में काम करने के दौरान भी उसके आचरण को लेकर कई शिकायतें सामने आती रही थीं।

​इस पूरी कार्रवाई में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, निरीक्षक शील कुमार आदित्य, आरक्षक बलराम साहू और अजय साय की अहम भूमिका रही। साथ ही जशपुर क्राइम ब्रांच के डीएसपी भावेश कुमार समरथ और उनकी टीम ने भी गिरफ्तारी में विशेष सहयोग दिया।