रायगढ़, 8 मई । आईपीएल के रोमांच के बीच शहर में पनप रहे सट्टेबाजी के काले कारोबार पर रायगढ़ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के कड़े दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत बुधवार को साइबर सेल और कोतवाली पुलिस ने शहर के तीन अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का बड़ा नेटवर्क बेनकाब हुआ है। पुलिस ने महिला समेत 5 सक्रिय सट्टा खाईवालों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से लगभग 2 लाख 70 हजार रुपये नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक नोट काउंटिंग मशीन, आईफोन समेत 6 महंगे मोबाइल और लाखों के डिजिटल ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं। कुल जब्ती करीब 4 लाख 70 हजार रुपये आंकी गई है।
ट्रेडिंग ऑफिस की आड़ में चल रहा था सट्टे का खेल
पुलिस की पहली रेड कोतरारोड़ बायपास स्थित आर.एस. ट्रेडिंग कंपनी के ऑफिस में पड़ी। मुखबिर की सटीक सूचना पर जब पुलिस ने यहां दबिश दी, तो साकेत सिंघानिया (37) नाम का आरोपी मोबाइल पर आईपीएल मैचों का ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट करते धरा गया। पुलिस ने जब उसका आईफोन-13 प्रो और विवो मोबाइल खंगाला, तो उसमें ऑनलाइन बेटिंग आईडी, व्हाट्सएप चैट और यूपीआई के जरिए लाखों के लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले।
राशन दुकान से जुड़े थे तार, घर से मिली नोट गिनने की मशीन
दूसरी कार्रवाई ने एक बड़े सिंडिकेट की पोल खोल दी। पुराना पंजाब नेशनल बैंक के पास एक राशन दुकान की आड़ में रितेश डालमिया (28) सट्टा खिला रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आते ही उसने अपने आकाओं का नाम उगल दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तुरंत चांदमारी इलाके में मास्टरमाइंड पिंटू हलवाई के ठिकाने पर रेड मारी। यहां से पुलिस ने पिंटू के भतीजे रौनक मोदनवाल (19) और पिंटू की पत्नी प्रियंका हलवाई (37) को हिरासत में लिया। इस ठिकाने से पुलिस को 2 लाख 69 हजार रुपये कैश और एक गेबलर कंपनी की नोट गिनने की मशीन मिली, जो बताती है कि यहां सट्टे का टर्नओवर कितने बड़े पैमाने पर था।
किराए के मकान से चल रहा था नेटवर्क
तीसरी कार्रवाई संजय मैदान, रामभांठा इलाके में हुई। यहां एक किराए के मकान की दूसरी मंजिल से प्रदीप कुमार पाण्डेय (52) ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था। उसके पास से ‘क्रिकेट गुरु ऐप’ और फोन-पे के जरिये लगभग 89 हजार रुपये के डिजिटल ट्रांजैक्शन के सबूत मिले। जांच में सामने आया है कि यह पूरा खेल फरार आरोपी पिंटू हलवाई के ही इशारे पर चल रहा था। पुलिस ने तीनों मामलों में पिंटू हलवाई को मुख्य आरोपी बनाया है और उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
इन पुलिस अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस पूरी समन्वित कार्रवाई को सीएसपी श्री मयंक मिश्रा और डीएसपी साइबर उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। ग्राउंड जीरो पर थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, एसआई ऐनु देवांगन, एएसआई गौतम ठाकुर, अमृत मिंज, विल्फ्रेड मसीह समेत पूरी टीम की भूमिका बेहद सराहनीय रही।
“सटोरियों को बख्शा नहीं जाएगा”: एसएसपी शशि मोहन सिंह
इस बड़ी कामयाबी पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, “ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा युवाओं और समाज को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाने वाला एक गंभीर अपराध है। रायगढ़ पुलिस ऐसे संगठित अपराधों के खिलाफ तकनीकी और जमीनी स्तर पर लगातार कार्रवाई कर रही है। जो भी व्यक्ति इस अवैध कारोबार में संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। युवाओं से अपील है कि वे जुआ-सट्टा से दूर रहें।”
एक नज़र में: गिरफ्तार आरोपी और जब्ती
सलाखों के पीछे पहुंचे ये 5 खाईवाल:
- साकेत सिंघानिया (37 वर्ष), निवासी: गजानंदपूरम कोतरारोड
- रितेश डालमिया (28 वर्ष), निवासी: बीड़पारा
- प्रियंका हलवाई (37 वर्ष), निवासी: चांदमारी
- रौनक मोदननवाल (19 वर्ष), निवासी: चांदमारी
- प्रदीप कुमार पाण्डेय (52 वर्ष), निवासी: संजय मैदान रामभांठा (मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई फिलहाल फरार है)
पुलिस के हाथ लगा ये माल:
- नकद: 2,70,000 रुपये
- मशीन: 1 इलेक्ट्रॉनिक नोट गिनने की मशीन (गेबलर कंपनी)
- मोबाइल: कुल 6 फोन (2 आईफोन, 1 वन प्लस, 2 विवो, 1 सैमसंग)
- भारी मात्रा में यूपीआई और बैंक ट्रांजैक्शन के डिजिटल साक्ष्य। सभी आरोपियों पर छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।



