रायपुर : कड़कड़ाती धूप, भीषण गर्मी और उमस से बेहाल छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए आखिरकार राहत की खबर आ रही है। प्रदेशवासियों को जिस दक्षिण-पश्चिम मानसून का बेसब्री से इंतजार है, वो अब छत्तीसगढ़ की दहलीज पर खड़ा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक, अगले 5 दिनों के भीतर मानसून छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्य ओडिशा के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर जाएगा। राहत की बात यह है कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं।
हालांकि, मानसून के औपचारिक प्रवेश से पहले ही स्थानीय वेदर सिस्टम (लोकल सिस्टम) के चलते शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आई है।
बिलासपुर रहा सबसे गर्म, चंद्रपुर में झमाझम बारिश
शनिवार को प्रदेश के मौसम में दो अलग-अलग रंग देखने को मिले। एक तरफ जहां कुछ इलाकों में बारिश ने मौसम खुशनुमा कर दिया, वहीं दूसरी ओर कुछ शहर अब भी तप रहे हैं।
- सबसे ज्यादा बारिश: प्रदेश में शनिवार को सबसे ज्यादा 20 मिमी बारिश चंद्रपुर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा देवभोग, बस्तर और नवागढ़ में भी अच्छी बौछारें पड़ीं।
- तापमान का हाल: शनिवार को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 42.2 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। वहीं, दूसरी ओर पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
इन जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी, रहें सावधान
मौसम विभाग ने आज (रविवार) प्रदेश के कई हिस्सों में अंधड़ और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी देते हुए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। अगले 5 दिनों के दौरान विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के दक्षिणी इलाकों में बारिश, तेज हवाओं और बादलों की गर्जना बढ़ने के आसार हैं।
अलर्ट वाले मुख्य जिले:
रायगढ़, सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कोरबा, जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक? (तकनीकी कारण)
मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा के अनुसार, इस समय कई तरह के मौसमी सिस्टम एक साथ एक्टिव हैं, जिसके चलते मौसम में यह बदलाव आ रहा है:
- मानसून की स्थिति: दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा इस वक्त देवगढ़, कोप्पल, आनंदपुरम और चेन्नई तक पहुंच चुकी है।
- द्रोणिका (Trough): एक सीजनल द्रोणिका सूरतगढ़, रोहतक, रीवा, रांची, कैनिंग से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।
- चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation): पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड के ऊपर 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर दो अलग-अलग ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।
आज कैसा रहेगा मौसम?
इन सभी सिस्टम्स के संयुक्त प्रभाव के कारण आज रविवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही, कुछ इलाकों में तेज अंधड़ (तेज हवाएं) चलने और वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) की भी आशंका जताई गई है।



