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ऑपरेशन शंखनाद : पुलिस ने मवेशी तस्कर रब्बुल को दबोचा, 32 गौवंश मुक्त


रायगढ़  11 फरवरी 2026।  रायगढ़ पुलिस अब मवेशी तस्करों के लिए काल बन गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” ने तस्करों की कमर तोड़ दी है। ताजा कार्रवाई में लैलूंगा पुलिस ने कुख्यात तस्कर रब्बुल खान के चंगुल से 32 गौवंश को मुक्त कराते हुए उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है।

वारदात और पुलिस की घेराबंदी


लैलूंगा पुलिस को सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम करवारजोर निवासी रब्बुल खान (39 वर्ष) गौवंशों को क्रूरतापूर्वक पीटते हुए, भूखा-प्यासा उड़ीसा की ओर तस्करी के लिए ले जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने अपनी टीम के साथ तत्काल घेराबंदी की और आरोपी को रंगे हाथों धर दबोचा।


कार्रवाई के मुख्य बिंदु: विवरण जानकारी बरामद गौवंश 32 नग (अनुमानित कीमत ₹2,56,000) मुख्य आरोपी रब्बुल खान, निवासी करवारजोर (लैलूंगा) कानूनी धाराएं छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 (4, 6, 10, 11) गौशाला मुक्त मवेशियों को ‘सलखिया गौशाला’ भेजा गया  सप्ताह की दूसरी बड़ी कामयाबी यह लैलूंगा पुलिस की महज तीन दिनों के भीतर दूसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले 7 फरवरी को भी 3 तस्करों को पकड़कर 8 मवेशियों को आजाद कराया गया था। पुलिस की इस बैक-टू-बैक कार्रवाई से इलाके के अवैध तस्करों में हड़कंप मच गया है

एसएसपी का कड़ा संदेश मवेशी तस्करी और पशु क्रूरता पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त लहजे में कहा: “जिले में गौवंश पर क्रूरता और अवैध परिवहन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत हमारी कार्रवाई अनवरत जारी रहेगी। जागरूक नागरिक तस्करी की सूचना तुरंत पुलिस को दें, आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।”

टीम की सराहना: इस सफल ऑपरेशन में उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक राजू तिग्गा और किशोर कुल्लू की विशेष भूमिका रही।