पीड़ितों ने जमीन बेचकर दिए थे पैसे, वापस मांगने पर थमा दिया बाउंस चेक
मंत्रालय में ऊंची पहुंच और फर्जी जॉइनिंग लेटर दिखाकर जाल में फंसाया
रायगढ़, 26 मार्च। छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है। मामले के मुख्य आरोपी विवेक कुमार शर्मा को दुर्ग जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, इस ठगी में शामिल उसका प्रमुख सहयोगी सितेश पाणिग्राही फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपियों ने पुसौर इलाके के तीन युवकों को मंत्रालय में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर 20 लाख रुपये से अधिक की रकम ऐंठ ली थी।
फर्जी जॉइनिंग लेटर से जीता भरोसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चंद्रपुर (सक्ती) निवासी आरोपी सितेश पाणिग्राही ने पुसौर के ग्राम घुघवा निवासी कुंजबिहारी पटेल (32) और उसके साथियों से संपर्क किया था। सितेश ने दावा किया था कि मंत्रालय के आला अधिकारियों से उसकी गहरी पैठ है। पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए उसने अपने ही भाई का एक फर्जी ‘ऑनलाइन जॉइनिंग लेटर’ भी दिखाया।
इस झांसे में आकर कुंजबिहारी पटेल ने अपनी पुश्तैनी जमीन बेच दी और अप्रैल 2022 से लेकर अब तक किस्तों में करीब 8.27 लाख रुपये आरोपी को सौंप दिए। इसी तर्ज पर गिरोह ने गांव के ही मुन्ना प्रसाद डनसेना से 3.77 लाख रुपये और देवकुमार से 8 लाख रुपये (कुल 20,04,000 रुपये) ठग लिए।
पैसे मांगे तो थमाया फर्जी चेक
जब महीनों बीत जाने के बाद भी किसी को नौकरी नहीं मिली, तो पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। शुरुआत में सितेश जमीन नाम करने का बहाना बनाकर टालमटोल करता रहा। बाद में वह पीड़ितों को अपने साथ दुर्ग ले गया, जहाँ उसने उन्हें गिरोह के मास्टरमाइंड विवेक कुमार शर्मा (निवासी वैशाली नगर, दुर्ग) से मिलवाया। दोनों ने पीड़ितों को शांत करने के लिए उनके नाम पर बैंक के चेक जारी कर दिए। लेकिन जब पीड़ितों ने चेक बैंक में लगाए, तो वे बाउंस हो गए।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दबोचा गया महाठग
चेक बाउंस होने और ठगी का अहसास होने पर कुंजबिहारी पटेल ने 22 जनवरी को पुसौर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुसौर थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन को ट्रेस करते हुए सीधे दुर्ग में दबिश दी और 25 मार्च को आरोपी विवेक कुमार शर्मा को धर दबोचा।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने ठगी की बात कबूल कर ली है। उसके पास से एचडीएफसी बैंक का चेक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।


