रायगढ़ । जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत रायगढ़ पुलिस, साइबर सेल और रेलवे पुलिस की संयुक्त टीम को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। टीम ने रेलवे स्टेशन के बाहर से ओडिशा के तीन अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। ये तस्कर करीब 18 किलो गांजा बैग और ट्रॉली में छिपाकर मध्य प्रदेश ले जाने की फिराक में थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से गांजे और मोबाइल समेत करीब 1.79 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर उन्हें जेल भेज दिया है।
मुखबिर की सटीक सूचना और पुलिस की घेराबंदी
मिली जानकारी के अनुसार, 8 मई को पुलिस टीम को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन के सामने पार्किंग इलाके में शिव मंदिर के पास पीपल पेड़ के नीचे तीन संदिग्ध व्यक्ति बैग लेकर बैठे हुए हैं। उनके पास भारी मात्रा में गांजा है और वे कहीं जाने के लिए वाहन का इंतज़ार कर रहे हैं। इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए थाना कोतवाली, साइबर सेल और जीआरपी/आरपीएफ की एक संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी। पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।
ट्रॉली और बैग में भरा था नशा, ओडिशा से एमपी तक का था नेटवर्क
जब पुलिस ने उनके सामान की तलाशी ली, तो तीन अलग-अलग बैग और ट्रॉली से कुल 17.726 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1,76,000 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 3,500 रुपये की कीमत के दो कीपैड मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि वे यह गांजा ओडिशा के कंधमाल जिले से खरीदकर लाए थे। वे ट्रेन के जरिए रायगढ़ पहुंचे थे और यहां से मध्यप्रदेश के खुरई जाकर इसे ऊंचे दामों पर बेचने की योजना बना रहे थे। उनके पास मादक पदार्थ के परिवहन का कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस नहीं मिला।
सलाखों के पीछे पहुंचे तस्कर
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिद्धांत गोन्डा (28), कश्यप साहनी (45) और उसकी पत्नी चंद्रिका साहनी (40) के रूप में हुई है। ये तीनों डिमरीकाल और घोड़ापथरा, थाना खजुरीपाड़ा, जिला कंधमाल (ओडिशा) के निवासी हैं। थाना कोतवाली पुलिस ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इनकी रही अहम भूमिका
इस सफल जॉइंट ऑपरेशन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक, टास्क टीम-1 बिलासपुर एवं रेल्वे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रायगढ़ के निरीक्षक कुलदीप कुमार, उप निरीक्षक डी.के. सिंह, थाना कोतवाली के उप निरीक्षक ए.के. देवांगन, एएसआई कोसो जगत, आरक्षक उत्तम सारथी, प्रदीप मिंज, गणेश राठिया, शिव विभोर मिश्रा, महिला आरक्षक हेमलता एक्का और आरपीएफ के प्रधान आरक्षक रजनीश द्विवेदी, रणवीर और आरक्षक बैद्धनाथ समेत पूरे स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



